
स्थान : हरिद्वार
ब्यूरो रिपोर्ट


धर्मनगरी हरिद्वार में कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर सूरीनाम की राजदूत हनीशा जयराम धार्मिक यात्रा पर पहुंचीं। उन्होंने सबसे पहले मां मनसा देवी मंदिर में पहुंचकर दर्शन और पूजा-अर्चना की। इसके बाद वह सिद्धपीठ दक्षिण काली मंदिर पहुंचीं, जहां उन्होंने आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज से मुलाकात कर उनका आशीर्वाद लिया।


दक्षिण काली मंदिर पहुंचने पर राजदूत हनीशा जयराम ने धार्मिक वातावरण और मंदिर की आध्यात्मिक अनुभूति को लेकर अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि मंदिर में आने के बाद उन्हें भीतर से अलग तरह की संतुष्टि और शांति का अनुभव हुआ। उन्होंने कहा कि यहां आकर जो अनुभूति हो रही है, उसे शब्दों में व्यक्त करना मुश्किल है।




राजदूत ने कहा कि इस धार्मिक अनुभव को पाकर वह स्वयं को धन्य और सम्मानित महसूस कर रही हैं। उन्होंने मंदिर में पूजा-अर्चना कर देश और दुनिया में शांति एवं कल्याण की कामना की। जन्माष्टमी के अवसर पर हरिद्वार की धार्मिक यात्रा उनके लिए विशेष आध्यात्मिक अनुभव रही।


आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज ने कहा कि सूरीनाम की राजदूत बेहद सरल, सहज और धार्मिक स्वभाव की हैं। उन्होंने कहा कि राजदूत का भारत और सनातन परंपरा के प्रति गहरा प्रेम है। उन्होंने मां मनसा देवी और दक्षिण काली मंदिर में श्रद्धापूर्वक पूजा-अर्चना की तथा गंगा और संतों के प्रति भी अपनी श्रद्धा व्यक्त की।


स्वामी कैलाशानंद गिरि ने बताया कि सूरीनाम की राजदूत भारत और सूरीनाम के संबंधों को और मजबूत करने की इच्छा रखती हैं। उन्होंने कहा कि राजदूत आगे भी हरिद्वार आती रहेंगी और यहां की धार्मिक परंपराओं से जुड़ने की उनकी विशेष इच्छा है। इस दौरान दोनों देशों के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संबंधों को लेकर भी चर्चा हुई।
उन्होंने बताया कि राजदूत हनीशा जयराम की इच्छा केदारनाथ दर्शन करने की भी है। हालांकि वर्तमान मौसम और परिस्थितियों को देखते हुए फिलहाल उन्हें केदारनाथ यात्रा न करने की सलाह दी गई है। मौसम अनुकूल होने पर उनकी केदारनाथ यात्रा की इच्छा पूरी हो सकती है।



कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर स्वामी कैलाशानंद गिरि महाराज ने कहा कि भगवान कृष्ण पूरे संसार के जगतगुरु हैं। उन्होंने बताया कि कांगड़ा आश्रम में जन्माष्टमी का पर्व धूमधाम और भक्तिभाव के साथ मनाया जा रहा है। आश्रम में विशेष पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन और जन्मोत्सव के आयोजन किए जा रहे हैं।

स्वामी कैलाशानंद गिरि ने देश और दुनिया के सभी सनातनियों को कृष्ण जन्माष्टमी की मंगलकामनाएं दीं। उन्होंने श्रद्धालुओं से कांगड़ा आश्रम पहुंचकर भगवान कृष्ण का जन्मोत्सव मनाने और प्रसाद ग्रहण करने का आह्वान किया। सूरीनाम की राजदूत की हरिद्वार यात्रा ने जन्माष्टमी के अवसर पर भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक परंपरा के अंतरराष्ट्रीय जुड़ाव की तस्वीर भी सामने रखी।

