लोहाघाट विधायक पर भाजपा नेताओं का पलटवार, अधिकारियों से दुर्व्यवहार का लगाया आरोप

लोहाघाट विधायक पर भाजपा नेताओं का पलटवार, अधिकारियों से दुर्व्यवहार का लगाया आरोप

स्थान : चंपावत
ब्यूरो रिपोर्ट

लोहाघाट के कांग्रेस विधायक खुशाल सिंह अधिकारी के चंपावत विकास भवन में अधिकारियों पर कमीशनखोरी और भ्रष्टाचार के आरोप लगाकर धरना देने के बाद जिले की राजनीति गरमा गई है। धरने के दौरान विधायक की एपीडी विम्मी जोशी, डीपीआरओ महेश कुमार और पीडी अजय सिंह के साथ हुई तीखी बहस का मामला चर्चाओं में है। अब भाजपा नेताओं ने विधायक के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उनके व्यवहार की कड़ी आलोचना की है।

दर्जा राज्य मंत्री सुभाष बगौली और भाजपा प्रदेश मंत्री निर्मल माहरा ने कहा कि जिस तरह विधायक खुशाल सिंह अधिकारी द्वारा महिला अधिकारी और अनुसूचित जाति के अधिकारी के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार किया गया, वह शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस एक ओर खुद को महिला और दलित हितैषी पार्टी बताती है, जबकि उसके विधायक द्वारा महिला अधिकारी और अनुसूचित जाति के अधिकारी का अपमान किया जाना विरोधाभास को दर्शाता है।

भाजपा नेताओं ने कहा कि यदि विधायक के पास अधिकारियों के खिलाफ कमीशनखोरी या भ्रष्टाचार से जुड़े कोई ठोस साक्ष्य थे तो उन्हें उचित मंच पर रखना चाहिए था। वहां मामले की निष्पक्ष जांच कराई जा सकती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि विकास भवन में विधायक के साथ आए कार्यकर्ताओं के कारण अराजकता का माहौल पैदा हुआ, जिसकी भाजपा कड़ी निंदा करती है।

भाजपा नेताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में चंपावत जिले के साथ-साथ लोहाघाट विधानसभा क्षेत्र में भी लगातार विकास कार्य कराए जा रहे हैं। उनका आरोप है कि विधायक खुशाल सिंह अधिकारी को क्षेत्र में हो रहा विकास और मुख्यमंत्री की लोकप्रियता रास नहीं आ रही है। इसी कारण वह राजनीतिक बौखलाहट में माहौल खराब करने का प्रयास कर रहे हैं।

भाजपा नेताओं ने विधायक पर आरोप लगाया कि वह करीब साढ़े चार साल तक लोहाघाट विधानसभा क्षेत्र से गायब रहे और अब चुनाव नजदीक आने पर खुद को जनहितैषी साबित करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर विधायक को हार का डर सता रहा है, जिसके चलते वह इस तरह की राजनीति कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी मनीष कुमार के नेतृत्व में चंपावत जिले के अधिकारी पूरी ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ जनसेवा में जुटे हुए हैं। अधिकारियों पर लगाए गए आरोपों की जांच यदि किसी स्तर पर आवश्यक है तो उसके लिए निर्धारित संवैधानिक और प्रशासनिक मंच मौजूद हैं। भाजपा नेताओं ने कहा कि अधिकारियों के साथ इस तरह का व्यवहार किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

दर्जा राज्य मंत्री सुभाष बगौली और प्रदेश मंत्री निर्मल माहरा ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को अधिकारियों के साथ संवाद और संवैधानिक मर्यादा के अनुरूप व्यवहार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों को लेकर किसी भी प्रकार की शिकायत या आपत्ति हो तो उसे उचित प्रक्रिया के तहत उठाया जा सकता है, लेकिन अधिकारियों के साथ कथित दुर्व्यवहार उचित नहीं है।

भाजपा नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में लोहाघाट विधायक द्वारा अधिकारियों के साथ इस प्रकार का व्यवहार दोहराया गया तो भाजपा इसका राजनीतिक स्तर पर करारा जवाब देगी। विधायक के धरने और अधिकारियों के साथ हुई बहस के बाद भाजपा के पलटवार से चंपावत की सियासत एक बार फिर गरमा गई है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे के और तूल पकड़ने के आसार हैं।