मध्यरात्रि तक कृष्ण भक्ति में डूबी बद्रीनाथ, धूमधाम से मनाया जन्माष्टमी महोत्सव

मध्यरात्रि तक कृष्ण भक्ति में डूबी बद्रीनाथ, धूमधाम से मनाया जन्माष्टमी महोत्सव

स्थान : बद्रीनाथ
ब्यूरो रिपोर्ट

भू-बैकुंठ नगरी बद्रीनाथ धाम में कृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव हर्षोल्लास और भक्तिभाव के साथ मध्यरात्रि में संपन्न हुआ। भगवान कृष्ण के प्राकट्य उत्सव के दौरान पूरी बद्रीनाथ कान्हा की भक्ति में डूबी नजर आई। मंदिर सिंहद्वार के बाहर का नजारा देखते ही बन रहा था और बड़ी संख्या में श्रद्धालु जन्माष्टमी उत्सव में शामिल हुए।

इस बार श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) और बद्रीनाथ होटल एसोसिएशन के सौजन्य से धाम में जन्माष्टमी पर्व वृहद स्तर पर मनाया गया। देर रात तक मंदिर परिसर के आसपास श्रद्धालुओं की भीड़ रही। ढोल-दमाऊं की ताल पर श्रद्धालु भगवान हरि नारायण और कान्हा के प्राकट्य उत्सव की खुशी में भक्ति भाव से झूमते नजर आए।

जन्माष्टमी के अवसर पर बद्रीनाथ धाम में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ विशेष पूजा-अर्चना और भोग की व्यवस्था की गई। भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह रहा। मंदिर परिसर में भक्ति गीतों और जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना रहा।

श्री बद्रीनाथ मंदिर में भोग प्रसाद और शयन आरती के बाद जन्माष्टमी के चलते कपाट मध्यरात्रि के बाद करीब दो बजे बंद किए गए। इसके बाद शनिवार, 5 सितंबर को भगवान बद्रीनाथ विशाल के मंदिर के कपाट प्रातः छह बजे पुनः खोले गए। सुबह 6:30 बजे से नित्य दैनिक पूजाएं और महाभिषेक पूजन संपन्न कराया गया।

कृष्ण जन्माष्टमी उत्सव के चलते मंदिर में दैनिक पूजाओं तथा कपाट खुलने और बंद होने के निर्धारित समय में आंशिक परिवर्तन किया गया। मंदिर समिति के अनुसार रविवार, 6 सितंबर से सभी पूजाएं और धार्मिक अनुष्ठान पूर्व निर्धारित समय के अनुसार ही संपादित किए जाएंगे।

शनिवार को बद्रीनाथ धाम में हल्की बारिश की फुहारों के बीच भी श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ। देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे तीर्थयात्री भगवान बदरी विशाल के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित करते नजर आए। खराब मौसम के बावजूद धाम में श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही।

वहीं जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में बद्रीनाथ पंडा समाज की ओर से शनिवार को भगवान कृष्ण के जन्म प्राकट्योत्सव की खुशी में आकर्षक झांकी निकाली जाएगी। झांकी को नगर भ्रमण कराया जाएगा, जिसमें श्रद्धालु और स्थानीय लोग उत्साह के साथ शामिल होंगे।

जन्माष्टमी महोत्सव के दौरान बद्रीनाथ धाम में आस्था, भक्ति और उल्लास का अनूठा संगम देखने को मिला। ढोल-दमाऊं की गूंज, भगवान के जयकारों और श्रद्धालुओं की भक्ति से पूरी बद्रीनाथ कृष्णमय नजर आई। जन्मोत्सव के बाद शनिवार को भी धाम में धार्मिक आयोजनों और भगवान बदरी विशाल के दर्शनों को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह बना हुआ है।