
स्थान : रानीखेत
रिपोर्टर : संजय जोशी


कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर सांस्कृतिक समिति रानीखेत की ओर से शिव मंदिर स्थित पंचेश्वर सभागार में क्यूट कान्हा प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में नन्हे-मुन्ने बच्चों ने भगवान कृष्ण के बाल स्वरूप को जीवंत करते हुए अपनी मासूमियत और नटखट अदाओं से दर्शकों का मन मोह लिया।


मंच पर किसी बच्चे की ठुमक-ठुमक कर चलने की अदा ने दर्शकों को खूब गुदगुदाया तो किसी ने माखन खाने का अभिनय कर जमकर तालियां बटोरीं। नन्हे बाल-गोपालों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने निर्णायकों के लिए भी विजेताओं का चयन मुश्किल कर दिया।



पारंपरिक पीतांबरी वस्त्रों में सजे बच्चों ने सिर पर मोरपंख, हाथों में बांसुरी और माखन की मटकी लेकर मंच पर भगवान कृष्ण के बाल स्वरूप की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। बच्चों की किलकारियों, मासूम मुस्कान और बाल-सुलभ चेष्टाओं से पूरा सभागार कृष्णमयी नजर आया।



प्रतियोगिता को अलग-अलग आयु वर्गों में आयोजित किया गया। 0 से 1 वर्ष आयु वर्ग में दिव्यान सिंह ने प्रथम, गौरांशी पंत ने द्वितीय और चैतन्य रिखाड़ी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं 1 से 3 वर्ष आयु वर्ग में सान्वी वर्मा प्रथम, अनन्त चौरसिया द्वितीय और मेघांश भट्ट तृतीय रहे।


3 से 5 वर्ष आयु वर्ग में क्रियांश साह ने प्रथम, लुभावनी कांडपाल ने द्वितीय और कृतिका पंत ने तृतीय स्थान हासिल किया। प्रतियोगिता में शामिल अन्य सभी प्रतिभागियों को प्रोत्साहन पुरस्कार देकर उनका उत्साहवर्धन किया गया।

सांस्कृतिक समिति के अध्यक्ष विमल सती ने कहा कि समिति की ओर से पिछले सात वर्षों से बच्चों के लिए क्यूट कान्हा प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी समिति विभिन्न प्रतियोगिताओं के माध्यम से बच्चों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के लिए मंच उपलब्ध कराती रहेगी।



प्रतियोगिता के निर्णायक ज्योति साह और डॉ. विनीता खाती रहीं, जबकि संचालन दीपक पंत ने किया। प्रायोजक बबीता पंत, जगदीश अग्रवाल और सांस्कृतिक समिति के सदस्यों ने विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कार वितरित किए।


कार्यक्रम में समिति के संरक्षक हरीश लाल साह, राजेन्द्र पंत, संजय पंत, गौरव तिवारी, रीना वर्मा, अभिषेक कांडपाल, अशोक पंत, सोनू सिद्दीकी, कुलदीप कुमार समेत अन्य सदस्य एवं अभिभावक मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान बच्चों की प्रस्तुतियों ने जन्माष्टमी के उत्सव को और भी आकर्षक एवं यादगार बना दिया।

