जन्माष्टमी पर दुल्हन की तरह सजे हल्द्वानी के मंदिर, लटूरिया आश्रम में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

जन्माष्टमी पर दुल्हन की तरह सजे हल्द्वानी के मंदिर, लटूरिया आश्रम में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

स्थान : हल्द्वानी
रिपोर्टर : पंकज सक्सेना

कृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर हल्द्वानी के मंदिरों को दुल्हन की तरह सजाया गया। मंदिरों में रंग-बिरंगी रोशनी और आकर्षक सजावट श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी रही। सुबह से ही विभिन्न मंदिरों में श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया और देर शाम तक भक्तों की भीड़ देखने को मिली।

जन्माष्टमी के अवसर पर शहर के मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना के साथ भजन संध्या का आयोजन किया गया। भगवान कृष्ण के भजनों और जयकारों से मंदिर परिसर भक्तिमय नजर आए। श्रद्धालुओं ने भगवान कृष्ण के बाल स्वरूप के दर्शन कर सुख-समृद्धि की कामना की।

वहीं हल्द्वानी के प्रसिद्ध लटूरिया आश्रम मंदिर में भी हर वर्ष की भांति इस बार जन्माष्टमी का भव्य आयोजन किया गया। जन्माष्टमी को लेकर पूरे मंदिर परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया। शाम होते ही भगवान कन्हैया के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी।

आश्रम के महामंत्री विपिन चंद्र ने बताया कि लटूरिया आश्रम का धार्मिक दृष्टि से विशेष महत्व है। जन्माष्टमी के अवसर पर यहां दूर-दराज के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान कृष्ण के दर्शन करने पहुंचते हैं। इस बार भी श्रद्धालुओं में जन्माष्टमी को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला।

लटूरिया आश्रम में आयोजित भजन संध्या में कलाकारों ने भगवान कृष्ण की महिमा का गुणगान किया। भक्त भजनों पर झूमते और भगवान कृष्ण के जयकारे लगाते नजर आए। मंदिर परिसर में देर रात तक भक्तिमय वातावरण बना रहा।

लटूरिया आश्रम में भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव को लेकर विशेष तैयारियां की गई हैं। रात 12 बजे भगवान कृष्ण के जन्म के अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना और आरती के बाद भोग लगाया जाएगा। इसके साथ ही विधि-विधान से जन्माष्टमी उत्सव मनाया जाएगा।

जन्माष्टमी के अवसर पर लटूरिया आश्रम सहित शहर के अन्य मंदिरों में भी देर रात तक श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रहने की संभावना है। भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव को लेकर हल्द्वानी पूरी तरह कृष्ण भक्ति में रंगा नजर आया और मंदिरों में भक्ति, आस्था और उल्लास का अनूठा संगम देखने को मिलाक।

उन्होंने बताया कि जन्माष्टमी के अवसर पर दूर-दराज से श्रद्धालुओं के यहां पहुंचने का सिलसिला सुबह से ही शुरू हो गया था। भक्त भगवान कन्हैया के दर्शन करने के साथ ही पूजा-अर्चना और भजन संध्या में शामिल हुए। मंदिर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए व्यवस्थाएं भी की गईं।