
स्थान : हरिद्वार
ब्योरो रिपोर्ट


जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने बुधवार को राजकीय प्राथमिक विद्यालय संख्या-3 और कनखल स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय संख्या-18 का औचक निरीक्षण किया। अचानक हुए निरीक्षण से विद्यालयों में व्यवस्थाओं की स्थिति का जायजा लिया गया।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विभिन्न कक्षाओं में जाकर बच्चों से संवाद किया और उनकी पढ़ाई के स्तर को परखा। उन्होंने विद्यार्थियों से विषयों से जुड़े सवाल पूछे और शिक्षण व्यवस्था के संबंध में भी जानकारी ली। डीएम ने बच्चों को नियमित पढ़ाई के साथ बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित किया।




जिलाधिकारी ने विद्यालय में संचालित मध्याह्न भोजन योजना का भी निरीक्षण किया। उन्होंने भोजन की गुणवत्ता और तैयार किए जा रहे मिड-डे मील के मानकों की जानकारी ली। डीएम ने निर्देश दिए कि बच्चों को पौष्टिक और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराया जाए।

डीएम मयूर दीक्षित ने स्पष्ट निर्देश दिए कि मध्याह्न भोजन में हरी सब्जियों को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों के भोजन की गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा और मानकों में लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।



निरीक्षण के दौरान विद्यालय परिसर, कक्षाओं और शौचालयों की साफ-सफाई व्यवस्था का भी जायजा लिया गया। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों और विद्यालय प्रबंधन को परिसर की नियमित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों के लिए स्वच्छ और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराया जाना जरूरी है।

जिलाधिकारी ने विद्यालयों की पुरानी इमारतों की स्थिति की जानकारी लेते हुए उनके रखरखाव और मरम्मत पर भी जोर दिया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सीएसआर फंड के माध्यम से पुरानी इमारतों की मरम्मत के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए, ताकि विद्यालयों में आवश्यक सुविधाओं को बेहतर किया जा सके।


डीएम ने अभिभावकों की भागीदारी को भी महत्वपूर्ण बताते हुए विद्यालयों में नियमित रूप से अभिभावक बैठकों का आयोजन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों की शिक्षा और विद्यालय की व्यवस्थाओं में सुधार के लिए शिक्षकों और अभिभावकों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है।


औचक निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने विद्यालयों में शिक्षा, भोजन, स्वच्छता और भवन संबंधी व्यवस्थाओं को लेकर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकारी विद्यालयों में बच्चों को बेहतर शिक्षा के साथ स्वच्छ वातावरण और गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है।

