
स्थान : देहरादून
ब्यूरो रिपोर्ट


एसएसपी देहरादून के निर्देशों पर चलाए जा रहे ‘ड्रग्स फ्री कैम्पस’ अभियान के तहत दून पुलिस ने नशे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। इसी क्रम में थाना सेलाकुई क्षेत्र स्थित माया देवी यूनिवर्सिटी में पुलिस और डॉक्टरों की संयुक्त टीम ने औचक निरीक्षण किया।


अभियान के दौरान पुलिस टीम ने बिना किसी पूर्व सूचना के विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं का रैंडमली ड्रग्स टेस्ट कराया। टीम ने कुल 47 छात्र-छात्राओं का ड्रग्स टेस्ट किट के माध्यम से यूरिन टेस्ट किया, ताकि संस्थान में नशीले पदार्थों के सेवन की स्थिति का पता लगाया जा सके।




पुलिस के अनुसार जांच के दौरान सभी 47 छात्र-छात्राओं की रिपोर्ट नेगेटिव आई। किसी भी छात्र में ड्रग्स के सेवन की पुष्टि नहीं हुई। पुलिस ने जांच प्रक्रिया को अभियान के तहत नियमित निगरानी और जागरूकता का हिस्सा बताया।


इस दौरान पुलिस और डॉक्टरों की टीम ने छात्र-छात्राओं से नशे से दूर रहने की अपील की। उन्हें नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्परिणामों के बारे में जानकारी दी गई।



दून पुलिस ने छात्रों को स्पष्ट चेतावनी दी कि नशे के सेवन या नशीले पदार्थों से संबंधित गतिविधियों में संलिप्त पाए जाने पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने कहा कि नशे के खिलाफ अभियान में शैक्षणिक संस्थानों की भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ‘ड्रग्स फ्री देवभूमि’ के विजन को साकार करने के उद्देश्य से शैक्षणिक संस्थानों में इस तरह की कार्रवाई और जागरूकता अभियान लगातार चलाए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य युवाओं को नशे के बढ़ते खतरे से बचाना और सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण तैयार करना है।


औचक निरीक्षण और ड्रग्स टेस्ट की कार्रवाई को लेकर विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने भी दून पुलिस के प्रयासों की सराहना की। छात्रों ने कहा कि इस तरह के अभियान युवाओं को नशे से दूर रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

दून पुलिस ने स्पष्ट किया कि ड्रग्स फ्री कैम्पस अभियान आगे भी जारी रहेगा और शिक्षण संस्थानों में औचक निरीक्षण, जागरूकता कार्यक्रम तथा आवश्यकता के अनुसार जांच की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने युवाओं से नशे से दूर रहकर स्वस्थ और सुरक्षित भविष्य की ओर बढ़ने की अपील की।

