मौसमी इन्फ्लुएंजा को लेकर चम्पावत स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, अस्पतालों में तैयारियां दुरुस्त रखने के निर्देश

मौसमी इन्फ्लुएंजा को लेकर चम्पावत स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, अस्पतालों में तैयारियां दुरुस्त रखने के निर्देश

स्थान : चंपावत
ब्यूरो रिपोर्ट

भारत सरकार की ओर से देश के कुछ राज्यों में सीजनल इन्फ्लुएंजा और श्वसन संक्रमण के मामलों में बढ़ोतरी के मद्देनजर जारी दिशा-निर्देशों के बाद चम्पावत में भी स्वास्थ्य विभाग को सतर्क कर दिया गया है। जिलाधिकारी मनीष कुमार ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को आवश्यक तैयारियां पूरी रखने के निर्देश दिए हैं।

जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी सहित संबंधित अधिकारियों को जनपद के सभी अस्पतालों में जरूरी व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने और इन्फ्लुएंजा एवं निमोनिया के मामलों की लगातार निगरानी करने को कहा है। उन्होंने कहा कि मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए समयबद्ध निगरानी और त्वरित उपचार बेहद जरूरी है।

उन्होंने निर्देश दिए कि अस्पतालों में इन्फ्लुएंजा और निमोनिया से प्रभावित मरीजों के उपचार के लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं उपलब्ध रहें। इसके साथ ही आवश्यक दवाइयों, पीपीई किट, एन-95 मास्क और जांच संबंधी सामग्री का पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित करने को कहा गया है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेश चौहान और लोहाघाट उप जिला चिकित्सालय के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विराज राठी ने बताया कि जिले के सभी चिकित्सालयों के साथ सामुदायिक स्तर पर भी इन्फ्लुएंजा लाइक इलनेस यानी ILI और सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी इलनेस यानी SARI के लक्षण वाले मरीजों की निगरानी की जा रही है।

उन्होंने बताया कि ऐसे मरीजों का आवश्यक विवरण इंटीग्रेटेड डिजीज सर्विलांस प्रोग्राम यानी आईडीएसपी के पोर्टल पर दर्ज किया जाएगा। बीमारी के लक्षण वाले मरीजों के नाक और गले के स्वैब नमूने जांच के लिए संबंधित जांच केंद्रों पर भेजे जाएंगे।

स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यदि किसी क्षेत्र में बीमारी के मामलों की क्लस्टरिंग यानी एक साथ कई मामले सामने आते हैं तो तत्काल जांच और नियंत्रण की कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए आईडीएसपी के अंतर्गत गठित रैपिड रिस्पांस टीम को भी सक्रिय रखा गया है।

चिकित्सा अधीक्षक डॉ. विराज राठी ने बताया कि अस्पताल में इन्फ्लुएंजा और श्वसन संक्रमण से संबंधित मरीजों के लिए स्पेशल वार्ड तैयार किया गया है। उन्होंने बताया कि फिलहाल जनपद में स्वाइन फ्लू का कोई मामला सामने नहीं आया है।

डॉ. राठी ने आमजन से अपील की कि बच्चों, बुजुर्गों और गंभीर बीमारियों से ग्रसित लोगों का विशेष ध्यान रखें। छींकते या खांसते समय नाक और मुंह को रूमाल या टिश्यू से ढकें, नियमित रूप से साबुन-पानी से हाथ साफ करें और सार्वजनिक स्थानों पर थूकने से बचें।

उन्होंने कहा कि बुखार, खांसी, गले में खराश या सांस लेने में परेशानी जैसे लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सकीय परामर्श लें और डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही दवा का सेवन करें। स्वास्थ्य विभाग स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और आमजन को घबराने के बजाय सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।