स्थान : नेपाल
ब्यूरो रिपोर्ट


नेपाल में आई भीषण प्राकृतिक आपदा और जान-माल के भारी नुकसान को लेकर हरिद्वार में युवा भारत साधु समाज के संतों ने गहरी संवेदना व्यक्त की। संतों ने दिवंगत लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए सभा आयोजित कर दो मिनट का मौन रखा और मृतकों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।


श्रद्धांजलि सभा में संत रवि देव शास्त्री ने कहा कि नेपाल में आई भयंकर प्राकृतिक आपदा में जिन निर्दोष लोगों की जान गई है और जो लोग घायल हुए हैं, उनके प्रति पूरा संत समाज अपनी गहरी संवेदना प्रकट करता है।


उन्होंने कहा कि भारत और नेपाल के बीच सदियों पुराने पारंपरिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संबंध रहे हैं। ऐसे कठिन समय में भारत का संत समाज और नागरिक नेपाल के साथ पूरी तरह खड़े हैं और आपदा प्रभावित लोगों की मदद के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।


संत रवि देव शास्त्री ने बताया कि संत समाज ने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखकर प्रार्थना की है। साथ ही आपदा प्रभावित लोगों तक राहत पहुंचाने के लिए भी संत समाज की ओर से पहल की जाएगी।

उन्होंने कहा कि सरकारी माध्यमों या राहत कोष के जरिए नेपाल के प्रभावित क्षेत्रों तक खाद्य सामग्री, दवाइयां और अन्य जरूरी सामान पहुंचाने के प्रयास किए जाएंगे। संत समाज ने जरूरतमंद लोगों की मदद के लिए अपनी प्रतिबद्धता जताई।


वहीं महंत शिवम ने भी नेपाल त्रासदी पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस आपदा में जिन लोगों ने अपने परिजनों और घरों को खो दिया है, उनके दुख को कम करने के लिए युवा संत आगे आए हैं।



महंत शिवम ने घोषणा की कि आने वाले चार-पांच दिनों में एक बड़ी बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में विभिन्न अखाड़ों के महंत, संत और आश्रमों के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाएगा।
बैठक में नेपाल के आपदा प्रभावित परिवारों के लिए राशन, वित्तीय सहायता और अन्य आवश्यक राहत सामग्री जुटाने को लेकर विस्तृत योजना तैयार की जाएगी। संत समाज का उद्देश्य राहत सामग्री को जरूरतमंदों तक पहुंचाने के लिए प्रभावी व्यवस्था तैयार करना है।

हरिद्वार में आयोजित श्रद्धांजलि सभा के माध्यम से संत समाज ने नेपाल के पीड़ित परिवारों के प्रति एकजुटता व्यक्त की। संतों ने कहा कि भारत और नेपाल के बीच रिश्ते केवल पड़ोसी देशों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि दोनों देशों के बीच गहरे सांस्कृतिक और आध्यात्मिक संबंध हैं, ऐसे में संकट की इस घड़ी में नेपाल की मदद करना सभी का दायित्व है।

