हल्द्वानी रामलीला मैदान शुद्धिकरण पर गरमाई सियासत, कांग्रेस का मौन प्रदर्शन

हल्द्वानी रामलीला मैदान शुद्धिकरण पर गरमाई सियासत, कांग्रेस का मौन प्रदर्शन

स्थान : हल्द्वानी
रिपोर्टर : पंकज सक्सेना

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कथित शुद्धिकरण को लेकर सियासी विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने भाजपा पर जमकर निशाना साधा है, वहीं अब मामले में कार्रवाई की मांग भी तेज हो गई है।

इसी कड़ी में सोमवार को नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य, हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश, खटीमा विधायक भुवन कापड़ी, रंजीत रावत समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता रामलीला मैदान पहुंचे। कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने यहां मौन प्रदर्शन कर कथित शुद्धिकरण की घटना पर अपना विरोध दर्ज कराया।

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि मल्लिकार्जुन खड़गे की सभा के बाद रामलीला मैदान का शुद्धिकरण किया जाना दलित समाज और संविधान का अपमान है। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं से समाज में जातिगत भेदभाव को बढ़ावा मिलता है और सामाजिक एकता प्रभावित होती है।

नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि अब जिस प्रकार से भाजपा के लोग संविधान के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं और जातिवाद के नाम पर लोगों को गुमराह किया जा रहा है, वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।

यशपाल आर्य ने कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद जिस तरह रामलीला मैदान का कथित शुद्धिकरण किया गया, उससे भाजपा की सोच पर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के लोगों के प्रति घृणा की मानसिकता को दर्शाता है।

कांग्रेस ने पुलिस और प्रशासन से कथित शुद्धिकरण करने वाले लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। यशपाल आर्य ने चेतावनी दी कि यदि मामले में जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो कांग्रेस उग्र आंदोलन करने के लिए मजबूर होगी।

हल्द्वानी विधायक सुमित हृदयेश ने भी भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा संविधान को नहीं मानने वाली पार्टी की तरह व्यवहार कर रही है और जातिवाद की राजनीति के जरिए समाज को गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है।

सुमित हृदयेश ने कहा कि जिस तरह संविधान और सामाजिक समानता के खिलाफ कथित तौर पर कदम उठाया गया है, वह अपने आप में बड़ा सवाल है। उन्होंने सरकार से मांग की कि रामलीला मैदान में कथित शुद्धिकरण करने वाले लोगों के खिलाफ जल्द मुकदमा दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जाए।

कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार और पुलिस प्रशासन ने इस मामले में कार्रवाई नहीं की तो पार्टी आंदोलन को और तेज करेगी। रामलीला मैदान में हुए कथित शुद्धिकरण को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है और अब यह मामला उत्तराखंड की सियासत में बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है।