स्थान : रुद्रपुर
ब्यूरो रिपोर्ट


रुद्रपुर में बारावफात जुलूस के दौरान त्रिशूल चौक पर मदरसों को बंद करने को लेकर कथित भड़काऊ भाषण देने के आरोप में पुलिस ने मुफ्ती मुजीब को गिरफ्तार कर लिया है। मुफ्ती मुजीब उत्तर प्रदेश के दढ़ियाल, टांडा, जिला रामपुर का रहने वाला बताया जा रहा है।


पुलिस के अनुसार, बृहस्पतिवार को बारावफात के जुलूस के दौरान त्रिशूल चौक पर एक सभा का आयोजन किया गया था। इसी सभा में मुफ्ती मुजीब ने कथित तौर पर मदरसों को बंद किए जाने की स्थिति में परिणाम भुगतने की चेतावनी दी थी।


मुफ्ती मुजीब के कथित बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। वीडियो सामने आने के बाद मामले को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर प्रतिक्रिया तेज हो गई। पुलिस ने वायरल वीडियो और शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू की।


वायरल वीडियो में मुफ्ती मुजीब कथित तौर पर ईदगाह की जमीन को वापस करने की मांग करते हुए भी नजर आ रहा है। बताया जा रहा है कि जिस जमीन का जिक्र किया गया, वह सरकारी जमीन थी और सरकार की ओर से उसे वापस ले लिया गया था।

मुफ्ती मुजीब के बयान के बाद रुद्रपुर विधायक शिव अरोरा और मेयर विकास शर्मा ने भी कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की। दोनों ने कथित बयान को लेकर नाराजगी जताते हुए पुलिस-प्रशासन से मामले में कार्रवाई की मांग की।


मामला तूल पकड़ने के बाद पुलिस ने मुफ्ती मुजीब के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। पुलिस का कहना है कि मामले में उपलब्ध तथ्यों और वायरल वीडियो की जांच के आधार पर कार्रवाई की गई है।



इसके बाद पुलिस ने आरोपी मुफ्ती मुजीब को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस उससे पूछताछ कर रही है और पूरे घटनाक्रम से जुड़े अन्य तथ्यों की भी जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो और सभा के दौरान दिए गए कथित बयान की जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

बारावफात जुलूस के दौरान दिए गए कथित बयान के बाद शुरू हुआ यह मामला अब राजनीतिक मुद्दा भी बन गया है। पुलिस की कार्रवाई के बाद क्षेत्र में कानून-व्यवस्था को लेकर प्रशासन सतर्क है और पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।

