स्थान : खटीमा
रिपोर्टर : अशोक सर्कार


ऊधम सिंह नगर के खटीमा से एक मामला सामने आया है, जहां एक व्यक्ति ने अपनी जमीन पर पंजाब नेशनल बैंक की ओर से किसी अन्य व्यक्ति के नाम की बकाया सूची चस्पा किए जाने का आरोप लगाया है। मामले को लेकर पीड़ित इकरामुद्दीन ने उपजिलाधिकारी खटीमा को लिखित शिकायत देकर जांच और कार्रवाई की मांग की है।


शिकायतकर्ता इकरामुद्दीन पुत्र मोहम्मद जानी, निवासी ग्राम पचपेड़ा, तहसील खटीमा ने बताया कि ग्राम पचपेड़ा परगना बिल्हैरी स्थित खसरा संख्या 45 में 25 बाई 80 फीट भूमि उन्होंने 8 दिसंबर 2015 को पंजीकृत बैनामे के जरिए खरीदी थी।



इकरामुद्दीन के मुताबिक, उक्त भूमि का दाखिल-खारिज भी 4 मई 2016 को आदेश संख्या 30/136 के तहत दर्ज हो चुका है। उनका कहना है कि जमीन खरीदने की तारीख से अब तक उन्होंने उक्त भूमि पर किसी भी सरकारी, अर्द्धसरकारी या निजी बैंक की शाखा से कोई ऋण नहीं लिया है।


शिकायत के अनुसार, 12 अगस्त 2026 को पड़ोसियों के माध्यम से इकरामुद्दीन को जानकारी मिली कि पंजाब नेशनल बैंक की सितारगंज रोड खटीमा शाखा के प्रबंधक और अन्य कर्मचारी उनकी जमीन पर बनी दुकानों में किसी अन्य व्यक्ति के नाम की बकाया सूची चस्पा करने पहुंचे थे।
इकरामुद्दीन ने आरोप लगाया कि उनकी संपत्ति पर किसी अन्य व्यक्ति के नाम की बकाया सूची चस्पा किए जाने से उन्हें मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने उपजिलाधिकारी से पूरे मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।


उन्होंने प्रशासन से यह भी अनुरोध किया है कि उनकी भूमि पर किसी भी प्रकार की गलत नोटिस या बकाया सूची चस्पा नहीं की जाए। उनका कहना है कि यदि बैंक की ओर से किसी अन्य व्यक्ति के ऋण को लेकर कार्रवाई की जा रही है तो उसकी वास्तविक स्थिति की जांच की जानी चाहिए।



वहीं, बैंक शाखा प्रबंधक को दिए गए अलग प्रार्थना पत्र में भी इकरामुद्दीन ने स्पष्ट किया है कि उन्होंने उक्त भूमि के संबंध में बैंक से कोई ऋण नहीं लिया है। उन्होंने बैंक से अनुरोध किया कि किसी अन्य व्यक्ति के ऋण की कार्रवाई उनकी संपत्ति पर न की जाए।
ग्राम प्रधान कंचनपुरी ताहिर अंसारी ने कहा कि मामले की वास्तविक स्थिति प्रशासन और बैंक स्तर पर होने वाली जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। उन्होंने कहा कि जांच के बाद ही पता चलेगा कि बकाया सूची किस व्यक्ति के नाम और किस आधार पर संबंधित भूमि पर चस्पा की जा रही थी।

इस दौरान ग्राम प्रधान ताहिर अंसारी, बब्बन मियां, अजुद्दीन, शाहिद, निषाद ड्राइवर, गुड्डू सहित अन्य ग्रामीण मौजूद रहे। फिलहाल शिकायत के बाद प्रशासन और बैंक की जांच पर नजर बनी हुई है। जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि बैंक की ओर से संबंधित संपत्ति पर किस आधार पर कार्रवाई की जा रही थी।

