खटीमा में SIR को लेकर सियासी घमासान, भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों पर किया पलटवार

खटीमा में SIR को लेकर सियासी घमासान, भाजपा ने कांग्रेस के आरोपों पर किया पलटवार

स्थान : खटीमा
रिपोर्टर : अशोक सरकार

खटीमा में मतदाता सूची को लेकर चल रहा सियासी विवाद अब और तेज हो गया है। कांग्रेस की ओर से SIR प्रक्रिया के तहत फॉर्म-7 के जरिए गलत आपत्तियां दर्ज कराने का आरोप लगाते हुए तहसील घेराव किए जाने के बाद भाजपा ने कांग्रेस पर पलटवार किया है।

भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष सतीश भट्ट ने प्रेस वार्ता कर कांग्रेस के आरोपों पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कांग्रेस के आंदोलन को राजनीतिक मुद्दा बताते हुए कहा कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया निर्वाचन आयोग के निर्धारित नियमों के तहत संचालित की जा रही है।

सतीश भट्ट ने कहा कि कांग्रेस को जनता के बीच भ्रम और आशंका पैदा करने के बजाय तथ्यों के साथ अपनी बात रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रशासन पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि अभी तक किसी भी मतदाता का वोट नहीं काटा गया है।

भाजपा नेता के मुताबिक, SIR के तहत प्राप्त आपत्तियों की पहले जांच की जाएगी। निर्धारित प्रक्रिया और सत्यापन पूरा होने के बाद ही नियमानुसार आगे की कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि जांच में गलत पाई जाने वाली आपत्तियों को खारिज कर दिया जाएगा।

सतीश भट्ट ने कांग्रेस विधायक भुवन कापड़ी के उन आरोपों पर भी सवाल उठाए, जिनमें ऑफलाइन फॉर्म-7 जमा किए जाने और बड़ी संख्या में आपत्तियां लगाए जाने की बात कही गई है। उन्होंने कहा कि यदि कांग्रेस के पास किसी तरह की अनियमितता के ठोस प्रमाण हैं तो उन्हें प्रशासन के समक्ष प्रस्तुत करना चाहिए।

भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि कांग्रेस मतदाता सूची जैसे संवेदनशील विषय को राजनीतिक रंग देकर लोगों के बीच भ्रम और आशंका पैदा कर रही है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रत्येक पात्र मतदाता का अधिकार सुरक्षित है और मतदाता सूची में किसी भी तरह का संशोधन निर्धारित नियमों के अनुसार ही किया जाएगा।

सतीश भट्ट ने कांग्रेस से सवाल किया कि यदि SIR प्रक्रिया में वास्तव में कोई गड़बड़ी हुई है तो उसके ठोस प्रमाण सार्वजनिक क्यों नहीं किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आरोप लगाने के बजाय संबंधित दस्तावेज और साक्ष्य प्रशासन के सामने रखे जाने चाहिए, ताकि उनकी जांच हो सके।

वहीं, कांग्रेस अपने आरोपों पर कायम है। कांग्रेस लगातार पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और तहसील परिसर में लगे CCTV कैमरों की फुटेज सामने लाने की मांग कर रही है। पार्टी का कहना है कि इससे फॉर्म-7 से जुड़ी पूरी प्रक्रिया और लगाए जा रहे आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

फिलहाल खटीमा में SIR और मतदाता सूची को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। अब प्रशासनिक जांच और आपत्तियों के सत्यापन के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि पूरे मामले में वास्तविक स्थिति क्या है। दोनों दलों की नजरें अब प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।