हरिद्वार में SIR को लेकर कांग्रेस विधायकों का हंगामा, फर्जी आईडी से आपत्ति दर्ज कराने का आरोप

हरिद्वार में SIR को लेकर कांग्रेस विधायकों का हंगामा, फर्जी आईडी से आपत्ति दर्ज कराने का आरोप

स्थान : हरिद्वार
ब्यूरो रिपोर्ट

हरिद्वार में विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस विधायकों की नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है। मंगलवार शाम जिला प्रशासन की ओर से विधायकों और जनप्रतिनिधियों के साथ SIR को लेकर बैठक आयोजित की गई। बैठक में कांग्रेस विधायकों ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया पर कई सवाल उठाए।

बैठक में पहुंचे कांग्रेस विधायकों ने सत्तारूढ़ भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए। विधायकों का कहना है कि SIR प्रक्रिया के दौरान एक विशेष वर्ग के मतदाताओं को निशाना बनाया जा रहा है और उनके नामों पर आपत्तियां दर्ज कराने के लिए कथित तौर पर फर्जी आईडी का इस्तेमाल किया जा रहा है।

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों द्वारा फर्जी पहचान पत्र या दस्तावेजों के आधार पर मतदाताओं के नाम हटाने के लिए आपत्तियां दर्ज कराई जा रही हैं। उन्होंने निर्वाचन आयोग से ऐसे मामलों की गंभीरता से जांच कराने की मांग की।

कांग्रेस विधायकों ने कहा कि यदि जांच में यह साबित होता है कि किसी व्यक्ति ने फर्जी दस्तावेज या आईडी के आधार पर आपत्ति दर्ज कराई है तो उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। उनका कहना है कि इससे SIR प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहेगी और गलत तरीके से मतदाताओं के नाम हटाने की कोशिशों पर रोक लगेगी।

बैठक में फॉर्म-7 को लेकर भी चर्चा हुई। फॉर्म-7 के माध्यम से मतदाता सूची में दर्ज नाम पर आपत्ति दर्ज कराने की प्रक्रिया को लेकर कांग्रेस नेताओं ने सवाल उठाए और प्रशासन से इस प्रक्रिया की निगरानी तथा सत्यापन की व्यवस्था स्पष्ट करने की मांग की।

लक्सर से बसपा विधायक मोहम्मद शहजाद ने भी SIR प्रक्रिया को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने बैठक में निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग करते हुए कहा कि वास्तविक और पात्र मतदाताओं के नाम किसी भी स्थिति में प्रभावित नहीं होने चाहिए।

कांग्रेस विधायक काजी निजामुद्दीन ने भी SIR प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने प्रशासन से आपत्तियों के सत्यापन की प्रक्रिया और मतदाताओं के नाम सुरक्षित रखने को लेकर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।

वहीं, एडीएम हरिद्वार जितेंद्र कुमार ने बैठक में प्रशासन की ओर से SIR प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न पहलुओं और प्रशासन की ओर से की जा रही कार्रवाई की जानकारी जनप्रतिनिधियों के सामने रखी।

बैठक के बाद SIR को लेकर राजनीतिक सरगर्मी और तेज हो गई है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल जहां प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग कर रहे हैं, वहीं प्रशासन की ओर से नियमों के तहत पुनरीक्षण प्रक्रिया संचालित किए जाने की बात कही जा रही है। अब आपत्तियों के सत्यापन और आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।