एसआईआर दस्तावेज उठाने के आरोप पर भाजपा ने की जांच की मांग

एसआईआर दस्तावेज उठाने के आरोप पर भाजपा ने की जांच की मांग

स्थान : बाजपुर
रिपोर्टर : विशेष शर्मा

तहसील परिसर में एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) से जुड़े दस्तावेज जबरन उठाए जाने के आरोप को लेकर बुधवार को भाजपा नेताओं ने एसडीएम ऋचा सिंह और तहसीलदार प्रताप सिंह चौहान से मुलाकात की। भाजपा नेताओं ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।

भाजपा एससी मोर्चा के जिला अध्यक्ष यशपाल राजहंस और भाजपा नेता अनंत जैन के नेतृत्व में कार्यकर्ता तहसील पहुंचे। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों के सामने एसआईआर प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेजों को कथित तौर पर जबरन अपने कब्जे में लिए जाने का मुद्दा उठाया।

भाजपा नेताओं का आरोप है कि कुछ कांग्रेस कार्यकर्ता निर्वाचन प्रक्रिया में बाधा डालने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारियों पर दबाव बनाने की कोशिश भी की जा रही है, जिससे निष्पक्ष तरीके से निर्वाचन संबंधी कार्यवाही प्रभावित हो सकती है।

भाजपा नेताओं ने कहा कि एसआईआर से संबंधित आपत्तियों के दस्तावेजों को अपने कब्जे में लेना गंभीर मामला है। उनका कहना था कि निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेजों की सुरक्षा और पारदर्शिता बेहद महत्वपूर्ण है।

यशपाल राजहंस और अनंत जैन ने प्रशासन से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि जांच में यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।

भाजपा कार्यकर्ताओं ने अधिकारियों से यह भी मांग की कि एसआईआर प्रक्रिया में किसी प्रकार का राजनीतिक दबाव या हस्तक्षेप न हो। उनका कहना था कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण का काम निर्धारित नियमों के अनुसार निष्पक्ष तरीके से कराया जाना चाहिए।

एसडीएम ऋचा सिंह और तहसीलदार प्रताप सिंह चौहान ने भाजपा नेताओं की शिकायत को गंभीरता से सुना। अधिकारियों ने मामले से जुड़े तथ्यों की जांच कराने और जांच के आधार पर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया।

भाजपा नेताओं ने कहा कि निर्वाचन संबंधी दस्तावेजों को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने प्रशासन से एसआईआर से जुड़े सभी दस्तावेजों और आपत्तियों की प्रक्रिया पर नजर रखने की मांग की।

प्रशासन के आश्वासन के बाद भाजपा नेता वापस लौटे। अब मामले की जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि एसआईआर से जुड़े दस्तावेजों को जबरन उठाने के आरोपों में कितनी सच्चाई है और इस मामले में प्रशासन की ओर से क्या कार्रवाई की जाती है।