जनहित सर्वोपरि, योजनाओं का समयबद्ध और पारदर्शी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें: आयुक्त दीपक रावत

जनहित सर्वोपरि, योजनाओं का समयबद्ध और पारदर्शी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें: आयुक्त दीपक रावत

स्थान : अल्मोड़ा
रिपोर्टर : संजय जोशी

कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने शुक्रवार को विकास भवन सभागार में जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) तथा ग्रामोत्थान (रीप) योजना की समीक्षा बैठक कर विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति का विस्तृत जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी योजनाओं का प्रभावी, पारदर्शी और समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए तथा जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।

बैठक के दौरान जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण के अंतर्गत प्राप्त विभिन्न विकासात्मक प्रस्तावों पर विस्तार से चर्चा की गई। आयुक्त ने कई प्रस्तावों को स्वीकृति प्रदान करते हुए प्राधिकरण में कार्यरत कार्मिकों की समस्याओं और कार्यप्रणाली की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि विकास कार्य निर्धारित नियमों और उच्च गुणवत्ता के मानकों के अनुरूप ही किए जाएं।

आयुक्त ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि भवन निर्माण सहित सभी निर्माण कार्य प्राधिकरण के निर्धारित मानकों एवं नियमों के अनुसार ही किए जाएं, ताकि सुव्यवस्थित एवं नियोजित विकास सुनिश्चित हो सके। उन्होंने व्यावसायिक भवनों और ग्रुप हाउसिंग परियोजनाओं को भी अनिवार्य रूप से प्राधिकरण के मानकों के दायरे में लाने के निर्देश दिए।

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) की समीक्षा करते हुए आयुक्त ने अधिक से अधिक ग्रामीण परिवारों को स्वरोजगार एवं आजीविका आधारित गतिविधियों से जोड़ने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मिशन के तहत संचालित योजनाओं का लाभ पात्र लाभार्थियों तक पूरी पारदर्शिता और प्रभावशीलता के साथ पहुंचे तथा स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत किया जाए।

मुख्य विकास अधिकारी रामजी शरण शर्मा ने बैठक में बताया कि जनपद के 1,042 गांवों में स्वयं सहायता समूहों का गठन किया जा चुका है। अब तक 6,921 स्वयं सहायता समूह बनाए गए हैं तथा 28,500 लखपति दीदियों का लक्ष्य हासिल कर लिया गया है, जिसे महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण आजीविका के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।

ग्रामोत्थान (रीप) योजना की समीक्षा के दौरान आयुक्त ने स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्यमों को बढ़ावा देने और ग्रामीणों को स्थायी आजीविका से जोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि योजना का लाभ प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक समयबद्ध और प्रभावी ढंग से पहुंचे, जिससे ग्रामीणों की आय में वृद्धि हो और आत्मनिर्भर गांवों की परिकल्पना साकार हो सके।

बैठक में जिलाधिकारी अंशुल सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर आर. घोड़के, अपर जिलाधिकारी युक्ता मिश्र सहित विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने योजनाओं की प्रगति और आगामी कार्ययोजना की जानकारी दी। आयुक्त दीपक रावत ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ योजनाओं का बेहतर क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि विकास कार्यों का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना ही प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए।