

स्थान : चंपावत
ब्यूरो रिपोर्ट

लोहाघाट उप जिला चिकित्सालय से एक साथ चार विशेषज्ञ चिकित्सकों के स्थानांतरण के बाद क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर चिंता बढ़ गई है। शासन द्वारा चिकित्सकों के तबादले के बाद अब तक उनके स्थान पर किसी नए विशेषज्ञ की तैनाती नहीं किए जाने पर स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने नाराजगी जताई है।


शासन के आदेश के तहत लोहाघाट उप जिला चिकित्सालय में तैनात स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. मोनिका गिरी, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. ज्ञान प्रकाश, छाती रोग विशेषज्ञ डॉ. रविंद्र सिंह बोहरा तथा निश्चेतक डॉ. चित्रलेखा बोहरा का स्थानांतरण कर दिया गया है। चारों विशेषज्ञों के एक साथ तबादले से अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।



लोहाघाट के कांग्रेस विधायक खुशाल सिंह अधिकारी ने इस निर्णय पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि उनके प्रयासों से अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती हुई थी, जिससे क्षेत्र की गरीब और दूरदराज की जनता को स्थानीय स्तर पर बेहतर उपचार मिल रहा था।


विधायक ने आरोप लगाया कि सरकार ने बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के चारों विशेषज्ञ चिकित्सकों का एक साथ स्थानांतरण कर दिया, जिससे मरीजों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि सरकार का यह फैसला जनहित के विपरीत है और इससे स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होंगी।

खुशाल सिंह अधिकारी ने चेतावनी दी कि यदि विशेषज्ञ चिकित्सकों का स्थानांतरण तत्काल नहीं रोका गया अथवा उनके स्थान पर नए चिकित्सकों की तैनाती नहीं की गई, तो वह जनता को साथ लेकर आंदोलन शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि इसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।


उन्होंने कहा कि लोहाघाट उप जिला चिकित्सालय में दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी से लोगों को बेहतर इलाज के लिए अन्य शहरों का रुख करना पड़ेगा, जिससे समय और धन दोनों की अतिरिक्त परेशानी होगी।


अस्पताल के निरीक्षण के दौरान विधायक खुशाल सिंह अधिकारी ने भर्ती मरीजों का हालचाल जाना और चिकित्सकों से उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली। उन्होंने अस्पताल प्रशासन से मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने और उपचार में किसी प्रकार की लापरवाही न बरतने के निर्देश भी दिए।
विधायक ने कहा कि जनता के स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने सरकार से मांग की कि लोहाघाट अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं जल्द बहाल की जाएं, ताकि क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित हो सके।

