मंदिरों में चढ़ावे के कथित घोटाले के विरोध में कांग्रेस का उपवास, गोल्ज्यू मंदिर में लगाई न्याय की गुहार

मंदिरों में चढ़ावे के कथित घोटाले के विरोध में कांग्रेस का उपवास, गोल्ज्यू मंदिर में लगाई न्याय की गुहार

स्थान : चंपावत
ब्यूरो रिपोर्ट

मंदिरों में चढ़ावे और चंदे में कथित अनियमितताओं के आरोपों को लेकर कांग्रेस ने बुधवार को चंपावत में विरोध प्रदर्शन किया। जिला मुख्यालय स्थित न्यायकारी गोल्ज्यू देवता मंदिर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उपवास रखकर मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।

कांग्रेस जिलाध्यक्ष चिराग फर्त्याल के नेतृत्व में आयोजित कार्यक्रम में कार्यकर्ताओं ने न्यायकारी गोल्ज्यू देवता के समक्ष अर्जी लगाकर कथित घोटाले में न्याय की गुहार लगाई। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने भाजपा सरकार पर धर्म के नाम पर लोगों को गुमराह करने और मंदिरों के चढ़ावे के मामले में पारदर्शिता नहीं बरतने का आरोप लगाया।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि एक ओर भाजपा स्वयं को धर्म और हिंदुत्व की राजनीति से जोड़ती है, वहीं दूसरी ओर मंदिरों में श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित चढ़ावे और दान से जुड़े मामलों में गंभीर सवाल उठ रहे हैं। उनका कहना था कि ऐसे आरोपों से श्रद्धालुओं की आस्था प्रभावित होती है।

जिलाध्यक्ष चिराग फर्त्याल ने कहा कि लोगों ने भगवान श्रीराम के मंदिर निर्माण और धार्मिक कार्यों के लिए करोड़ों रुपये का दान श्रद्धा से दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि इन दान राशियों के उपयोग को लेकर उठे सवालों का सरकार को पारदर्शी ढंग से जवाब देना चाहिए। इसी उद्देश्य से कांग्रेस ने न्याय के देवता गोल्ज्यू मंदिर में प्रार्थना कर निष्पक्ष जांच की मांग उठाई है।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि धार्मिक स्थलों से जुड़े किसी भी मामले में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए। उनका कहना था कि यदि किसी स्तर पर अनियमितता हुई है तो उसमें शामिल लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।

कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं ने उपवास रखकर विरोध दर्ज कराया और सरकार से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्था से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता स्वीकार्य नहीं हो सकती।

उपवास कार्यक्रम में वरिष्ठ कांग्रेस नेत्री निर्मला गहतोड़ी, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष मनीष महर, दिग्विजय कार्की, उमेश शर्मा, नीरज वर्मा सहित कांग्रेस के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यह उनकी राजनीतिक प्रतिक्रिया और आरोप हैं; मामले पर संबंधित पक्षों का पक्ष और जांच के निष्कर्ष भी महत्वपूर्ण होंगे।