

लोकेशन : लालकुआं
ब्यूरो रिपोर्ट

अयोध्या के श्रीराम मंदिर और बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे व दान से जुड़े कथित चोरी के मामलों को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मंगलवार को बिंदुखत्ता के घोड़ानाला स्थित शिव मंदिर में सुंदरकांड पाठ कर विरोध प्रदर्शन किया।


बिंदुखत्ता ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष प्रदीप बर्थायल के नेतृत्व में दर्जनों कांग्रेस कार्यकर्ता घोड़ानाला स्थित शिव मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने 11 बार सुंदरकांड का पाठ किया और इसके बाद भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं ने धार्मिक स्थलों से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग उठाई।



कांग्रेस नेता हरेन्द्र बोरा ने कहा कि भगवान बद्रीनाथ और भगवान श्रीराम करोड़ों लोगों की आस्था के केंद्र हैं। ऐसे पवित्र धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित किए गए चढ़ावे में अनियमितता और चोरी के आरोप बेहद गंभीर विषय हैं। उन्होंने कहा कि इससे देशभर के श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हुई हैं।


उन्होंने मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविकता जनता के सामने लाई जानी चाहिए। हरेन्द्र बोरा ने कहा कि जांच में जो भी दोषी पाया जाए, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली व्यक्ति क्यों न हो, उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए।
वहीं कांग्रेस नेता हेमवती नंदन दुर्गापाल ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा खुद को रामभक्तों की सबसे बड़ी हितैषी बताती है, लेकिन धार्मिक स्थलों पर चढ़ावे की सुरक्षा और व्यवस्थाओं को सुनिश्चित नहीं कर पा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के संरक्षण में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के मामले सामने आ रहे हैं, जिससे जनता का विश्वास प्रभावित हो रहा है।


उन्होंने मांग की कि बद्रीनाथ धाम चढ़ावा प्रकरण की जांच किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराई जाए और जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए। उन्होंने कहा कि धार्मिक स्थलों की व्यवस्थाओं में पारदर्शिता बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है।



कांग्रेस नेताओं ने बदरी-केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष के इस्तीफे की भी मांग उठाई। उन्होंने कहा कि जब तक मामले की निष्पक्ष जांच नहीं होगी, कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर अपना विरोध जारी रखेगी।

