

स्थान : जसपुर
ब्यूरो रिपोर्ट

उत्तराखंड के उधम सिंह नगर जिले के जसपुर क्षेत्र में प्रशासन ने सरकारी भूमि पर बने एक कथित अवैध धार्मिक ढांचे को हटाने की कार्रवाई की। अहमदनगर क्षेत्र में लगभग छह बीघा सरकारी भूमि पर बनी मजार और उससे जुड़े परिसर को बुलडोजर की मदद से हटाकर भूमि को कब्जामुक्त कराया गया। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर भारी पुलिस बल तैनात रहा।


प्रशासन के अनुसार, जिलाधिकारी नितिन भदौरिया के निर्देश पर सरकारी भूमि पर बने अवैध धार्मिक ढांचों का सर्वे कराया गया था। इसी सर्वे के दौरान अहमदनगर स्थित इस निर्माण को चिन्हित किया गया। अधिकारियों का कहना है कि संबंधित पक्ष से भूमि स्वामित्व और निर्माण से जुड़े दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए नोटिस जारी किए गए थे।



उपजिलाधिकारी राहुल शाह ने बताया कि मई माह में पहला नोटिस जारी किया गया था, जिसके बाद जून में दोबारा नोटिस देकर आवश्यक अभिलेख प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया। प्रशासन का कहना है कि निर्धारित समय सीमा के भीतर संबंधित पक्ष की ओर से भूमि या निर्माण से जुड़े कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए।


प्रशासन के अनुसार, दस्तावेज प्रस्तुत न किए जाने के बाद जून माह में बेदखली का आदेश जारी किया गया था। आदेश के बावजूद निर्धारित अवधि में अतिक्रमण नहीं हटाया गया, जिसके बाद शुक्रवार सुबह राजस्व, पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और बुलडोजर की सहायता से निर्माण हटाकर भूमि को समतल कर दिया।
एसडीएम राहुल शाह ने कहा कि संबंधित भूमि सरकारी अभिलेखों में दर्ज है और पूरी कार्रवाई निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए की गई है। उन्होंने बताया कि संबंधित पक्ष को अपना पक्ष रखने और दस्तावेज प्रस्तुत करने का पर्याप्त अवसर दिया गया था, लेकिन आवश्यक साक्ष्य उपलब्ध नहीं कराए गए।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी भूमि पर किए गए सभी अतिक्रमणों की पहचान की जा रही है। प्रत्येक मामले में पहले नोटिस जारी कर संबंधित पक्ष को सुनवाई का अवसर दिया जाएगा और उसके बाद नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि कार्रवाई किसी धर्म या समुदाय के आधार पर नहीं, बल्कि सरकारी भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने की नीति के तहत की जा रही है।


प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात रहा। अधिकारियों ने कहा कि जिले में सरकारी भूमि पर अवैध कब्जों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और प्रत्येक मामले में विधिक प्रक्रिया का पालन करते हुए कार्रवाई की जाएगी।

