

स्थान : अल्मोड़ा
रिपोर्टर : संजय जोशी


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अल्मोड़ा जिले के दन्या में आयोजित जनसभा को संबोधित करते हुए क्षेत्र के विकास के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। इस दौरान उन्होंने राजकीय महाविद्यालय दन्या के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण भी किया और विभिन्न विकास योजनाओं को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं को जनता के सामने रखा।


दन्या स्थित रामलीला मैदान में आयोजित जनसभा में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश के सभी क्षेत्रों के संतुलित और समग्र विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में उत्तराखंड तेजी से विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है और विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति हो रही है।



मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में क्षेत्रीय विकास से जुड़ी कई घोषणाएं करते हुए कहा कि सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और पर्यटन क्षेत्र में आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि पर्वतीय क्षेत्रों के विकास को सरकार की प्राथमिकता में शामिल किया गया है।


उन्होंने कहा कि राज्य सरकार धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए भी निरंतर प्रयासरत है। विशेष रूप से जागेश्वर धाम में मास्टर प्लान के तहत विकास कार्यों को गति दी जा रही है, जिससे इसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक प्रमुख आध्यात्मिक एवं पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जा सके।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने 4 करोड़ 95 लाख 88 हजार रुपये की लागत से निर्मित राजकीय महाविद्यालय दन्या के नए भवन का लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि इस भवन के निर्माण से क्षेत्र के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध होंगी और उच्च शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा।


मुख्यमंत्री के दौरे के दौरान राजनीतिक गतिविधियां भी देखने को मिलीं। युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विभिन्न मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के विरोध में काले झंडे दिखाने का प्रयास किया। हालांकि पुलिस और प्रशासन की मुस्तैदी के चलते कार्यकर्ताओं को निर्धारित क्षेत्र से आगे नहीं बढ़ने दिया गया।



जनसभा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। मुख्यमंत्री ने क्षेत्रवासियों को विकास योजनाओं का लाभ पहुंचाने का भरोसा दिलाया, जबकि दूसरी ओर विरोध प्रदर्शन के कारण राजनीतिक माहौल भी चर्चा का विषय बना रहा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

