

स्थान : जसपुर
ब्यूरो रिपोर्ट


विधानसभा क्षेत्र में सोमवार को केमिस्ट एवं ड्रगिस्ट संगठनों के आह्वान पर व्यापक विरोध देखने को मिला। ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन केमिस्ट एंड ड्रजिस्ट तथा उत्तरांचल औषधि व्यवसाय संघ के निर्देश पर लगभग 2360 केमिस्टों ने अपनी दुकानें पूर्ण रूप से बंद रखीं और सरकार की ऑनलाइन दवा नीति के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया।


सुबह से ही शहर के प्रमुख बाजारों और क्षेत्रों में मेडिकल स्टोर बंद रहे, जिसके चलते मरीजों को दवाओं के लिए इधर-उधर भटकना पड़ा। इससे आम जनता को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।


विरोध प्रदर्शन के तहत केमिस्टों ने पुरानी सब्जी मंडी चौक पर धरना दिया और सरकार की नीति के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान एक सभा का आयोजन भी किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में व्यापारी और औषधि विक्रेता शामिल हुए।

सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि ऑनलाइन दवा नीति छोटे और मध्यम मेडिकल स्टोर्स के लिए गंभीर चुनौती बन गई है, जिससे उनका व्यवसाय प्रभावित हो रहा है। साथ ही जन स्वास्थ्य पर भी इसके दुष्प्रभावों को लेकर चिंता जताई गई।
इस दौरान एससी-एसटी आयोग के अध्यक्ष ने भी केमिस्ट संगठनों की मांगों का समर्थन किया और आश्वासन दिया कि इस मामले को मुख्यमंत्री के समक्ष उठाया जाएगा, ताकि समाधान निकाला जा सके।

ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स और उत्तरांचल औषधि व्यवसाय संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि केंद्र और राज्य स्तर पर पहले भी शिकायतें दी जा चुकी हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।


जिला एवं नगर अध्यक्ष मनीष अग्रवाल ने कहा कि मजबूरी में केमिस्टों को दुकानें बंद करनी पड़ीं और सड़क पर उतरकर आंदोलन करना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर कई प्रतिबंधित या संवेदनशील दवाएं आसानी से उपलब्ध हो रही हैं।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि एमटीपीएल जैसी दवाएं ऑनलाइन आसानी से मंगाई जा रही हैं, जबकि पारंपरिक मेडिकल स्टोर्स पर कई प्रकार की पाबंदियां लागू हैं। इससे युवाओं पर भी गलत प्रभाव पड़ने की आशंका जताई गई।
वक्ताओं ने ऑनलाइन दवाओं की गुणवत्ता और नियंत्रण व्यवस्था पर भी सवाल उठाए और कहा कि यदि ड्रग इंस्पेक्टर मेडिकल स्टोर्स पर सख्ती से जांच कर सकते हैं, तो ऑनलाइन दवा बिक्री पर भी समान रूप से कार्रवाई होनी चाहिए।
धरना स्थल पर यह भी कहा गया कि ऑनलाइन दवा डिलीवरी को पूरी तरह से बंद किया जाना चाहिए, ताकि पारंपरिक दवा विक्रेताओं के हितों की रक्षा हो सके और जनस्वास्थ्य सुरक्षित रह सके।
नगर अध्यक्ष ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष शिंदे के निर्देशानुसार आगे की रणनीति तैयार की जाएगी और आंदोलन को आगे बढ़ाने पर निर्णय लिया जाएगा।

