जसपुर में कांग्रेस का बैलगाड़ी प्रदर्शन, महंगाई और ईंधन कीमतों के खिलाफ पुतला दहन

जसपुर में कांग्रेस का बैलगाड़ी प्रदर्शन, महंगाई और ईंधन कीमतों के खिलाफ पुतला दहन

स्थान : जसपुर
ब्यरो रिपोर्ट

जसपुर में सोमवार को आदेश चौहान के नेतृत्व में उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ कांग्रेस ने बैलगाड़ी के माध्यम से रैली निकालकर केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त किया।

प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ता नगर के मुख्य बाजारों से होते हुए सुभाष चौक पहुंचे, जहां उन्होंने “महंगाई वापस लो”, “जनता पर अत्याचार बंद करो” और “भाजपा सरकार होश में आओ” जैसे नारों के साथ विरोध जताया। इसके बाद भाजपा सरकार का पुतला दहन किया गया।

विधायक आदेश चौहान ने कहा कि चुनावों के बाद केंद्र सरकार द्वारा पेट्रोल-डीजल और कमर्शियल गैस सिलेंडर के दामों में लगातार बढ़ोतरी की जा रही है, जिससे आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि इसी कारण कांग्रेस को सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करना पड़ा।

उन्होंने बैलगाड़ी प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए कहा कि अगर ईंधन की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं तो आने वाले समय में लोगों को फिर से पुराने साधनों पर निर्भर होना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से हर क्षेत्र प्रभावित होता है, क्योंकि इससे परिवहन लागत बढ़ती है और खाद्य पदार्थों सहित सभी वस्तुओं के दाम ऊपर चले जाते हैं।

विधायक ने कहा कि यह विरोध जनता को संदेश देने के लिए है कि बढ़ती महंगाई आम जीवन को किस तरह प्रभावित कर रही है। उन्होंने केंद्र सरकार से तत्काल कीमतों को नियंत्रित करने की मांग की।

इस दौरान आदेश चौहान ने नीट परीक्षा पेपर लीक मामले पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ है और सरकार को इस मामले में नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए था।

उन्होंने आरोप लगाया कि सीबीआई जांच के जरिए मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि जनता को निष्पक्ष जांच की उम्मीद नहीं है। उन्होंने कहा कि देश के युवाओं का भरोसा लगातार कमजोर हो रहा है।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि यदि महंगाई और बेरोजगारी पर जल्द नियंत्रण नहीं किया गया तो आने वाले चुनावों में जनता इसका जवाब देगी। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे और पूरे क्षेत्र में राजनीतिक माहौल गर्म रहा।