मसूरी में बेकरी हिल एमडीडीए पार्किंग पर विवाद, नगर पालिका ने लिया कब्जा, मजदूर संघ ने जताया विरोध

मसूरी में बेकरी हिल एमडीडीए पार्किंग पर विवाद, नगर पालिका ने लिया कब्जा, मजदूर संघ ने जताया विरोध

स्थान : मसूरी
ब्यूरो रिपोर्ट

नगर पालिका परिषद मसूरी ने पुलिस की मौजूदगी में बेकरी हिल स्थित एमडीडीए पार्किंग को मजदूर संघ से खाली कराकर अपने नियंत्रण में ले लिया है। इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में विवाद गहराता नजर आ रहा है और मजदूर संघ ने इसे लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया है।

नगर पालिका के कर अधीक्षक अनिरुद्ध चौधरी ने बताया कि बोर्ड के प्रस्ताव के तहत यह पार्किंग मजदूर संघ को अस्थायी रूप से 8 माह के लिए संचालन हेतु दी गई थी। उन्होंने कहा कि यह अवधि वित्तीय वर्ष में समाप्त हो चुकी थी, जिसके बाद पालिका द्वारा पार्किंग खाली करने के निर्देश पहले ही जारी किए जा चुके थे।

निर्धारित समय सीमा के बाद भी जब कब्जा नहीं हटाया गया, तो अधिशासी अधिकारी के निर्देश पर पुलिस बल की मौजूदगी में कार्रवाई की गई और पार्किंग को खाली कराकर नगर पालिका ने अपने कब्जे में ले लिया। अब इसका संचालन स्वयं नगर पालिका करेगी।

वहीं दूसरी ओर मजदूर संघ ने इस कार्रवाई को पूरी तरह नियम विरुद्ध बताते हुए विरोध जताया है। संघ के अध्यक्ष रणजीत चौहान और अन्य पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि वर्ष 1996 से रिक्शा उन्मूलन योजना के तहत बेकरी हिल पार्किंग का संचालन हर साल टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से मजदूर संघ को ही दिया जाता रहा है।

संघ का कहना है कि इस बार नगर पालिका प्रशासन ने परंपरागत प्रक्रिया और नियमों को दरकिनार करते हुए सीधे तौर पर कब्जा ले लिया, जो मजदूरों के हितों के खिलाफ है।

मजदूर संघ ने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई मजदूरों के रोजगार पर सीधा प्रहार है और बिना उचित प्रक्रिया अपनाए की गई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे इस निर्णय को स्वीकार नहीं करेंगे और इसके खिलाफ आवाज उठाते रहेंगे।

संघ ने इस मामले को न्यायालय में भी चुनौती दी है। उनके अनुसार, न्यायालय ने 11 मई को इस मामले की सुनवाई की तिथि निर्धारित की है। मजदूर संघ ने कहा कि उन्हें न्यायालय पर पूरा भरोसा है और उन्हें उम्मीद है कि फैसला उनके पक्ष में आएगा।

इसके साथ ही संघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे। उन्होंने कहा कि संघ के सदस्य इस मुद्दे पर लगातार नजर बनाए हुए हैं और अपने अधिकारों की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं।

फिलहाल इस कार्रवाई के बाद मसूरी में राजनीतिक और सामाजिक तनाव की स्थिति बनी हुई है, और सभी की नजरें अब न्यायालय की सुनवाई और प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं।