

स्थान : हरिद्वार
ब्यूरो रिपोर्ट

आम के सीजन की शुरुआत से पहले फलों को केमिकल के जरिए पकाने की आशंका को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने हरिद्वार में सख्त निगरानी शुरू कर दी है। इसी क्रम में मंगलवार सुबह ज्वालापुर स्थित मंडी में विभाग की टीम ने अचानक छापेमारी की और फल विक्रेताओं तथा आढ़तियों की दुकानों की जांच की।


निरीक्षण के दौरान टीम ने मंडी में मौजूद विभिन्न दुकानों पर रखे आम और अन्य फलों की गुणवत्ता की जांच की। इसके साथ ही फलों को पकाने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे राइपिंग चेंबर का भी विस्तार से निरीक्षण किया गया, ताकि किसी प्रकार के प्रतिबंधित रसायन के उपयोग की पुष्टि की जा सके।


खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने इस कार्रवाई के दौरान आम और अन्य फलों के कुल आठ नमूने एकत्र किए। इन सैंपलों को जांच के लिए प्रयोगशाला (लैब) भेज दिया गया है, जहां इनकी विस्तृत जांच की जाएगी।


अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि जांच रिपोर्ट में यह पाया जाता है कि फलों को पकाने के लिए खतरनाक या प्रतिबंधित केमिकल का उपयोग किया गया है, तो संबंधित दुकानदारों और आढ़तियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसमें संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कराया जाएगा।

विभाग ने यह भी कहा कि लोगों के स्वास्थ्य से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा और फलों की गुणवत्ता पर लगातार निगरानी रखी जाएगी। आने वाले दिनों में इस तरह की जांच और भी तेज की जाएगी।


खाद्य सुरक्षा विभाग की इस कार्रवाई से मंडी में हड़कंप की स्थिति देखी गई और कई दुकानदारों ने अपने स्टॉक की जांच भी स्वयं शुरू कर दी। अधिकारियों ने व्यापारियों को साफ-साफ निर्देश दिए हैं कि वे केवल सुरक्षित और प्राकृतिक तरीके से पके हुए फलों की ही बिक्री करें।


विभाग ने उपभोक्ताओं से भी अपील की है कि वे फलों की खरीदारी करते समय सावधानी बरतें और किसी भी तरह की गड़बड़ी दिखाई देने पर तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचित क


