ऋषिकेश अस्पताल में व्यवस्थाएं चरमराईं, गर्भवती महिलाएं परेशान

ऋषिकेश अस्पताल में व्यवस्थाएं चरमराईं, गर्भवती महिलाएं परेशान

स्थान : ऋषिकेश
ब्यूरो रिपोर्ट

सरकारी अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है, जिससे मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। अस्पताल में डॉक्टरों की कमी और संसाधनों के अभाव के चलते व्यवस्था चरमराई हुई नजर आ रही है।

सबसे अधिक परेशानी गर्भवती महिलाओं को झेलनी पड़ रही है। स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी के कारण ओपीडी और ऑपरेशन थिएटर दोनों पर दबाव बढ़ गया है।

वर्तमान में अस्पताल में केवल तीन महिला विशेषज्ञ डॉक्टर तैनात हैं, जिनमें से एक छुट्टी पर हैं, जबकि दूसरी की ड्यूटी नाइट शिफ्ट में लगी हुई है। ऐसे में दिन के समय ओपीडी और अन्य सेवाएं मात्र एक डॉक्टर के भरोसे चल रही हैं।

आज स्थिति तब और गंभीर हो गई जब 70 से अधिक गर्भवती महिलाएं जांच के लिए अस्पताल पहुंचीं, लेकिन ओपीडी में डॉक्टर उपलब्ध नहीं मिले। जानकारी लेने पर पता चला कि एक डॉक्टर छुट्टी पर हैं और दूसरी ऑपरेशन थिएटर में व्यस्त थीं।

इस कारण मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ा और कई महिलाओं को बिना जांच कराए ही लौटना पड़ा। इससे गर्भवती महिलाओं और उनके परिजनों में नाराजगी देखने को मिली।

महिलाओं ने सरकार से मांग की है कि अस्पताल में विशेषज्ञ डॉक्टरों की संख्या बढ़ाई जाए ताकि समय पर इलाज मिल सके और उन्हें अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े।

अस्पताल के सीएमएस का चार्ज देख रहे डॉ. आनंद राणा ने बताया कि महिला विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी को लेकर उच्च अधिकारियों को पत्राचार भेजा गया है।

उन्होंने कहा कि जल्द ही डॉक्टरों की तैनाती को लेकर प्रयास किए जा रहे हैं ताकि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

फिलहाल अस्पताल की बदहाल व्यवस्था ने स्वास्थ्य सेवाओं की वास्तविक स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।