चारधाम यात्रा 2026: सीएम धामी ग्राउंड जीरो पर, रुद्रप्रयाग से गुप्तकाशी तक किया निरीक्षण

चारधाम यात्रा 2026: सीएम धामी ग्राउंड जीरो पर, रुद्रप्रयाग से गुप्तकाशी तक किया निरीक्षण

स्थान : रुद्रप्रयाग
ब्यरो रिपोर्ट

चारधाम यात्रा 2026 की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ग्राउंड जीरो पर पहुंचकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने रुद्रप्रयाग से गुप्तकाशी तक राष्ट्रीय राजमार्ग-107 पर सड़क मार्ग से निरीक्षण कर यात्रा से जुड़ी व्यवस्थाओं की समीक्षा की।

मुख्यमंत्री ने निरीक्षण के दौरान जवाड़ी बाईपास, निर्माणाधीन सुरंग, तिलवाड़ा में हटाए गए अतिक्रमण, बांसवाड़ा और कुंड-काकड़ागाड़ जैसे भूस्खलन संभावित संवेदनशील क्षेत्रों का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़क सुधार, सुरक्षा और सौंदर्यीकरण के सभी कार्य यात्रा शुरू होने से पहले हर हाल में पूरे किए जाएं।

इस दौरान मुख्यमंत्री ने पेचवर्क, झाड़ी कटान, साइनेज, क्रैश बैरियर और अन्य सुरक्षा उपायों की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

गुप्तकाशी में आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को श्रद्धालुओं के साथ सौम्य और मानवीय व्यवहार रखने के निर्देश दिए। उन्होंने हेलीपैड पर यात्री शेड, लैंडस्लाइड प्रभावित क्षेत्रों के पास पुलिस चौकियों में दवाइयां, पेयजल और फूड पैकेट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए, ताकि आपात स्थिति में तुरंत सहायता दी जा सके।

मुख्यमंत्री ने “ग्रीन यात्रा” पर विशेष जोर देते हुए यात्रा को प्लास्टिक मुक्त बनाने की बात कही। साथ ही भ्रामक खबरें फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी। उन्होंने कहा कि यात्रा से जुड़े सभी हितधारकों से संवाद स्थापित कर उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान किया जाए।

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने “वोकल फॉर लोकल” को बढ़ावा देते हुए स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को यात्रा से जोड़ने और स्थानीय उत्पादों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इससे स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिलेगा और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।

मुख्यमंत्री ने पैदल मार्गों पर पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और अन्य जरूरी सुविधाओं की भी समीक्षा की, ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। निरीक्षण और बैठक के दौरान कई जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।