चंपावत में गुलदार का हमला, छात्रा गंभीर घायल—ग्रामीणों की बहादुरी से बची जान

चंपावत में गुलदार का हमला, छात्रा गंभीर घायल—ग्रामीणों की बहादुरी से बची जान

लोकेशन – चंपावत
ब्यरो रिपोर्ट

चंपावत जिले के बाराकोट ब्लॉक के मऊ (चोमेल) क्षेत्र में एक बार फिर गुलदार का आतंक देखने को मिला है। बुधवार शाम गेहूं के खेत में घात लगाए बैठे गुलदार ने एक छात्रा पर हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया।

जानकारी के अनुसार, जीआईसी मऊ में कक्षा 12 में पढ़ने वाली 17 वर्षीय छात्रा ज्योति, स्कूल से लौटने के बाद अपनी सहेलियों के साथ शाम करीब 4 बजे खेत में गेहूं काटने गई थी। इसी दौरान शाम करीब 5:30 बजे घात लगाकर बैठे गुलदार ने अचानक उस पर हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई।

घटना के समय पास के खेतों में काम कर रही महिलाओं ने साहस दिखाते हुए दराती और पत्थरों से गुलदार पर हमला किया, जिसके बाद वह छात्रा को छोड़कर जंगल की ओर भाग गया। ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए घायल छात्रा को कंधों पर उठाकर गांव तक पहुंचाया और फिर वाहन से Lohaghat उप जिला चिकित्सालय ले जाया गया।

अस्पताल में डॉक्टर बीना मेलकानी ने छात्रा का प्राथमिक उपचार किया। उन्होंने बताया कि छात्रा के गले में गंभीर घाव हैं, लेकिन उसकी हालत फिलहाल खतरे से बाहर है। प्राथमिक उपचार के बाद उसे जिला चिकित्सालय चंपावत रेफर कर दिया गया।

घटना की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी Manish Kumar अस्पताल पहुंचे और घायल छात्रा का हालचाल जाना। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि छात्रा को बेहतर से बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जाए। साथ ही वन विभाग को क्षेत्र में पिंजरा लगाने और गश्त बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए हैं।

वन विभाग की एसडीओ नेहा चौधरी ने बताया कि पीड़ित परिवार को तत्काल 10 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी गई है। साथ ही प्रभावित क्षेत्र में पिंजरा लगाने और लगातार गश्त करने की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने क्षेत्रवासियों से सतर्क रहने और बच्चों को अकेले बाहर न भेजने की अपील की है।

स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने बताया कि सुबह के समय भी पास के गंगाली क्षेत्र में गुलदार ने दो बकरियों का शिकार किया था। क्षेत्र में पहले से ही गुलदार का आतंक बना हुआ है, जिससे लोगों में दहशत का माहौल है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द गुलदार को पकड़ा जाए, क्योंकि इलाके में स्कूल और आंगनबाड़ी केंद्र होने के कारण बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। ज्ञात हो कि इस वर्ष जिले में गुलदार के हमलों में अब तक दो लोगों की जान जा चुकी है, जबकि कई अन्य लोग घायल हो चुके हैं।