मानववन्य जीव संघर्ष और वनाग्नि की रोकथाम के लिए खटीमा में मीडिया कार्यशाला का आयोजन।

मानववन्य जीव संघर्ष और वनाग्नि की रोकथाम के लिए खटीमा में मीडिया कार्यशाला का आयोजन।

स्थान : खटीमा /ऊधम सिंह नगर /

रिपोर्टर : अशोक सरकार

ऊधम सिंह नगर के खटीमा स्थित सुरई रेंज में तराई पूर्वी वन प्रभाग द्वारा एक विशेष संवाद कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य आगामी वनाग्नि काल और बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष के प्रति मीडिया कर्मियों को जागरूक करना और उन्हें प्रशिक्षित करना था।

कार्यशाला का आयोजन एसडीओ संचिता वर्मा के नेतृत्व में किया गया, जिसमें वन विभाग और मीडिया के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मीडिया कर्मियों और वन विभाग के अधिकारियों ने भाग लिया।

विशेषज्ञों ने कार्यशाला के दौरान बताया कि जंगल की आग और वन्यजीवों के आबादी क्षेत्रों में आने जैसी घटनाओं की खबरों को बेहद संवेदनशीलता के साथ प्रसारित किया जाना चाहिए। इससे जनता में अनावश्यक भय नहीं फैलता और राहत कार्यों में तेजी लाई जा सकती है।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान बायोलॉजिस्ट प्रशांत कुमार और प्रोजेक्ट एसोसिएट भास्कर जोशी ने तकनीकी सत्र लिए। उन्होंने वन्यजीवों के व्यवहार, उनके आवास में हो रहे बदलाव और संघर्ष के कारणों पर विस्तार से जानकारी दी।

विशेषज्ञों ने यह भी बताया कि वनाग्नि की घटनाएं न केवल वन संपदा को नुकसान पहुंचाती हैं, बल्कि पर्यावरण और जैव विविधता पर भी गहरा असर डालती हैं। ऐसे में समय रहते सही जानकारी और सावधानी बेहद जरूरी है।

कार्यशाला में मीडिया कर्मियों को यह भी सिखाया गया कि वन्यजीव घटनाओं के दौरान अफवाहों को कैसे रोका जाए और केवल प्रमाणिक एवं सटीक जानकारी ही जनता तक पहुंचाई जाए।

बायोलॉजिस्ट प्रशांत कुमार ने वन्यजीवों के रेस्क्यू ऑपरेशन और सुरक्षा प्रोटोकॉल के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ऐसे समय में सही प्रक्रिया का पालन करना बेहद जरूरी होता है।

एसडीओ संचिता वर्मा ने कहा कि मीडिया समाज का आईना है और उसकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि वनाग्नि और वन्यजीव संघर्ष जैसी आपदाओं के दौरान सही और संतुलित सूचना का प्रसार ही जनहानि और वन संपदा के नुकसान को कम कर सकता है, इसी उद्देश्य से इस कार्यशाला का आयोजन किया गया।