मेरठ: फर्जी आईएएस समझकर गिरफ्तार, निकला बर्खास्त असली अधिकारी

मेरठ: फर्जी आईएएस समझकर गिरफ्तार, निकला बर्खास्त असली अधिकारी

ब्यरो रिपोर्ट

मेरठ में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां पुलिस ने जिस व्यक्ति को फर्जी आईएएस अधिकारी बताकर गिरफ्तार किया, वह बाद में 2008 बैच का वास्तविक आईएएस अधिकारी निकला। हालांकि वह फिलहाल सेवा से बर्खास्त है और उसका मामला न्यायालय में विचाराधीन है।

घटना की शुरुआत: मामला 12 मार्च 2026 का है, जब नौचंदी थाना पुलिस को सूचना मिली कि राहुल कौशिक नाम का व्यक्ति नशे की हालत में हंगामा कर रहा है और खुद को आईएएस अधिकारी बताकर लोगों पर रौब झाड़ रहा है।

पुलिस की कार्रवाई: सूचना के आधार पर पुलिस मौके पर पहुंची और राहुल कौशिक को हिरासत में ले लिया। इसके बाद पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दावा किया कि आरोपी फर्जी आईएएस बनकर अधिकारियों पर दबाव बना रहा था।

फर्जी होने का दावा: पुलिस के अनुसार, आरोपी अपने घर के बाहर बोर्ड लगाकर खुद को एडिशनल सेक्रेटरी और जॉइंट सेक्रेटरी बताता था तथा विभिन्न विभागों में फोन कर अधिकारियों से संपर्क करता था।

मामले में नया मोड़: हालांकि अगले ही दिन मामले में नया मोड़ आ गया, जब राहुल कौशिक के परिवार ने मीडिया के सामने दस्तावेज पेश किए। इनमें यूपीएससी परीक्षा पास करने के प्रमाण पत्र और प्रशिक्षण से जुड़े कागजात शामिल बताए गए।

परिवार का दावा: परिवार का कहना है कि राहुल कौशिक 2008 बैच के आईएएस अधिकारी रहे हैं और उन्हें फर्जी बताना गलत है। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।

पुराना विवाद: परिवार के अनुसार, वर्ष 2017 में राहुल कौशिक पर नौकरी दिलाने के नाम पर करीब डेढ़ करोड़ रुपये की ठगी का आरोप लगा था। इसके बाद 2019 में विभागीय कार्रवाई करते हुए उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था। यह मामला वर्तमान में केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (CAT) में विचाराधीन है।

जांच जारी: राहुल कौशिक ने पुलिस पर बिना बयान दर्ज किए जल्दबाजी में गिरफ्तारी करने का आरोप लगाया है और मानहानि का मुकदमा दायर करने के संकेत दिए हैं। फिलहाल मेरठ पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कार्रवाई में कहां चूक हुई।