उत्तरी रेलवे और भूमिदरों के बीच सीमांकन विवाद थमा नहीं

उत्तरी रेलवे और भूमिदरों के बीच सीमांकन विवाद थमा नहीं

स्थान – मसूरी

ब्यूरो रिपोट

उत्तरी रेलवे और स्थानीय भूमिदरों के बीच भूमि सीमांकन को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। रेलवे द्वारा बार-बार स्थानीय लोगों को नोटिस जारी किए जाने के चलते तनाव की स्थिति बन गई है। स्थानीय लोग इसे मानसिक उत्पीड़न करार दे रहे हैं और बार-बार नोटिस जारी किए जाने से परेशान हैं।

आज सुबह भारी संख्या में उत्तरी रेलवे के अधिकारी और रेलवे पुलिस के जवान मौके पर पहुंचे। उनका उद्देश्य विवाद को सुलझाना और भूमि पर किसी भी तरह के निर्माण कार्य पर रोक लगाना था। वहीं, भूमि के मालिक अपने अधिवक्ताओं के साथ मौजूद रहे और उन्होंने रेलवे द्वारा जारी नोटिसों का विरोध किया।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि रेलवे बार-बार नोटिस जारी कर उन्हें परेशान कर रहा है। उनका कहना है कि नोटिसों से उनका सामाजिक और आर्थिक जीवन प्रभावित हो रहा है। लोगों ने इस प्रक्रिया को अनुचित और डराने-धमकाने वाली कार्रवाई बताया।

मौके पर मौजूद अधिकारियों और स्थानीय लोगों के बीच वार्ता हुई। इसमें दोनों पक्षों ने अपने-अपने पक्ष को रखा। वार्ता में स्थिति को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने की कोशिश की गई।

वार्ता के दौरान यह निर्णय लिया गया कि विवाद सुलझाने के लिए एक संयुक्त टीम का गठन किया जाएगा। इस टीम में नगरपालिका, राजस्व विभाग और रेलवे के अधिकारी शामिल होंगे। टीम का उद्देश्य भूमि सीमांकन को सही तरीके से करना और किसी भी तरह के विवाद को समाप्त करना होगा।

साथ ही, इस दौरान किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य स्थगित रहेगा। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सीमांकन कार्य निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से किया जाए। स्थानीय लोगों की सुरक्षा और उनके अधिकारों का पूरा ध्यान रखा जाएगा।

अंत में, यह कहा गया कि राजस्व विभाग द्वारा सीमांकन के लिए सर्वेक्षण किया जाएगा, जिसमें स्थानीय लोग, रेलवे और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहेंगे। इससे विवाद का स्थायी समाधान निकालने की उम्मीद जताई जा रही है।