

स्थान : देहरादून
ब्यूरो रिपोर्ट

देहरादून के आईटीआई ग्राउंड निरंजनपुर में निदेशालय पशुपालन विभाग की ओर से एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें पशुपालकों, मत्स्य पालकों और डेरी समूहों के साथ संवाद किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और पशुपालन मंत्री सौरभ बहुगुणा ने प्रतिभाग किया।


कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इसके बाद मुख्यमंत्री ने रेफ्रिजरेटेड फिशरी वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान पशुपालन और मत्स्य पालन से जुड़ी विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी दी गई।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि यह दिन उनके लिए बेहद खुशी का दिन है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की योजनाओं का सीधा लाभ उत्तराखंड के पशुपालकों और किसानों तक पहुंच रहा है, जिससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था लगातार मजबूत हो रही है।


मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में आत्मनिर्भर भारत का सपना तेजी से आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना, राष्ट्रीय गोकुल मिशन और मुख्यमंत्री पशुधन मिशन जैसी योजनाओं के माध्यम से पशुपालकों को नए अवसर मिल रहे हैं।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री पशुधन मिशन के तहत 90 प्रतिशत तक आर्थिक सहायता दी जा रही है। साथ ही गोट वैली योजना के जरिए प्रदेश में रोजगार के नए अवसर पैदा किए जा रहे हैं और हर जिले में मॉडल गौशाला निर्माण का कार्य भी चल रहा है।


पशुपालन मंत्री सौरभ बहुगुणा ने कहा कि मुख्यमंत्री के सहयोग से विभाग की योजनाओं को काफी मजबूती मिली है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना और गोट वैली प्रोजेक्ट के जरिए हजारों लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है।


उन्होंने जानकारी दी कि अब तक 5827 लोगों को योजना का लाभ मिल चुका है और करीब 53 करोड़ रुपये की बकरियां वितरित की गई हैं। चमोली, पिथौरागढ़ और उत्तरकाशी जैसे सीमांत जिलों में आईटीबीपी के साथ समझौता कर योजनाओं को आगे बढ़ाया जा रहा है। साथ ही सितारगंज में 27 करोड़ रुपये की लागत से एक्वा पार्क भी बनाया जा रहा है।

कार्यक्रम में मौजूद पशुपालक Hari Krishna Lakhera ने कहा कि वह बचपन से गोपालन का काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि दो गायों से शुरू किया गया उनका व्यवसाय अब 37 गायों तक पहुंच चुका है और उनकी मासिक आय 40 हजार रुपये से बढ़कर लगभग एक लाख रुपये तक पहुंच गई है।

