

स्थान : जसपुर
ब्यूरो रिपोर्ट

जसपुर की बहुउद्देशीय जसपुर किसान सेवा सहकारी समिति के संचालकों ने किसानों की खाद समस्या को लेकर सरकार के खिलाफ नाराजगी जताई है। समिति अध्यक्षा किरनबाला के निर्देशन में किसानों की ओर से मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन प्रशासन को सौंपा गया।


समिति संचालकों ने मुख्य कृषि अधिकारी देहरादून द्वारा जारी उस आदेश का विरोध किया, जिसमें किसानों को प्रति एकड़ केवल एक कट्टा यूरिया और अधिकतम पांच बैग यूरिया देने की सीमा तय की गई है। किसानों का कहना है कि यह सीमा खेती की जरूरतों के हिसाब से बेहद कम है।

समिति अध्यक्षा प्रतिनिधि देवेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि गन्ना, मक्का और गर्मी के धान जैसी फसलों में यूरिया की अधिक आवश्यकता पड़ती है। ऐसे में पांच बैग की सीमा किसानों के लिए पर्याप्त नहीं होगी और आने वाले खरीफ सीजन में किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।


उन्होंने कहा कि खेती पूरी तरह उर्वरक पर निर्भर है और यदि समय पर पर्याप्त खाद नहीं मिली तो फसलों के उत्पादन पर सीधा असर पड़ेगा। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति भी प्रभावित होगी।
किसानों ने सरकार से मांग की कि मुख्य कृषि अधिकारी के इस आदेश को तत्काल निरस्त किया जाए ताकि किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुसार यूरिया और एनपीके खाद उपलब्ध हो सके।


समिति संचालकों ने कहा कि जब देश का अन्नदाता ही परेशान रहेगा तो देश की खुशहाली की कल्पना नहीं की जा सकती। उन्होंने किसानों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए तत्काल समाधान की मांग उठाई।


ज्ञापन सौंपने के दौरान किसानों और समिति प्रतिनिधियों ने अधिकारियों से दूरभाष पर मुख्य कृषि अधिकारी देहरादून से वार्ता कर समाधान निकालने की अपील भी की।


वहीं समिति संचालकों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो किसान आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। किसानों ने सरकार से जल्द राहत देने की मांग की है।

