चंपावत जिला चिकित्सालय में अल्ट्रासाउंड न होने से मरीज परेशान, लोहाघाट क्षेत्र के लोगों में आक्रोश

चंपावत जिला चिकित्सालय में अल्ट्रासाउंड न होने से मरीज परेशान, लोहाघाट क्षेत्र के लोगों में आक्रोश

लोकेशन- लोहाघाट

ब्यूरो रिपोर्ट लोहाघाट

चंपावत जिला चिकित्सालय में अल्ट्रासाउंड सुविधा को लेकर गंभीर लापरवाही के आरोप सामने आए हैं। उपचार कराने पहुंचे मरीजों का आरोप है कि जिला चिकित्सालय में लोहाघाट क्षेत्र के मरीजों का अल्ट्रासाउंड नहीं किया जा रहा, जिससे लोगों में भारी नाराजगी है।

लोहाघाट के खूना बोरा गांव निवासी हीरा देवी और चोमेल क्षेत्र के पुष्कर सिंह ने बताया कि वे उपचार के लिए चंपावत जिला चिकित्सालय पहुंचे थे, जहां उन्हें अल्ट्रासाउंड कराना था। पुष्कर सिंह के अनुसार, जिला चिकित्सालय के रेडियोलॉजिस्ट ने उनका एक अल्ट्रासाउंड तो कर दिया, लेकिन दूसरे अल्ट्रासाउंड के लिए उन्हें लोहाघाट उप जिला चिकित्सालय या निजी कर्नाटक हॉस्पिटल भेज दिया गया।

पुष्कर सिंह ने बताया कि वह दो दिनों तक अस्पताल के चक्कर काटते रहे, जिसके बाद जाकर आज उनका अल्ट्रासाउंड लोहाघाट उप जिला चिकित्सालय में हो सका। उन्होंने कहा कि वह काफी दूर से चंपावत आए थे, इस दौरान उन्हें आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ा। उन्होंने मांग की कि जिला चिकित्सालय में किसी भी क्षेत्र के मरीज को समान रूप से अल्ट्रासाउंड की सुविधा मिलनी चाहिए।

वहीं, खूना बोरा गांव की हीरा देवी ने बताया कि वह परसों चंपावत जिला चिकित्सालय में अल्ट्रासाउंड कराने गई थीं, लेकिन डॉक्टर ने मशीन खराब होने की बात कहकर उन्हें लोहाघाट अस्पताल भेज दिया। इसके बाद आज लोहाघाट में उनका अल्ट्रासाउंड किया गया।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह के कई मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें जिला चिकित्सालय के रेडियोलॉजिस्ट द्वारा लोहाघाट क्षेत्र के मरीजों का अल्ट्रासाउंड करने से मना किया गया है। लोगों ने सवाल उठाया कि क्या चंपावत जिला चिकित्सालय में लोहाघाट क्षेत्र के लोगों का कोई अधिकार नहीं है।

आक्रोशित लोगों ने जिलाधिकारी चंपावत और मुख्य चिकित्सा अधिकारी चंपावत से मांग की है कि चंपावत जिला चिकित्सालय में उपचार के लिए आने वाले लोहाघाट क्षेत्र के मरीजों का भी नियमित रूप से अल्ट्रासाउंड किया जाए। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि रेडियोलॉजिस्ट द्वारा सौतेला व्यवहार जारी रहा तो क्षेत्र की जनता आंदोलन के लिए मजबूर होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी स्वास्थ्य विभाग की होगी।