दिगालीचौड़ में लगा बहुद्देशीय जनसेवा शिविर, 743 से अधिक ग्रामीणों को मिला सीधा लाभ

स्थान: लोहाघाट (चंपावत)

ब्यूरो रिपोर्ट

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर प्रदेशभर में संचालित “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” कार्यक्रम दूरस्थ क्षेत्रों के ग्रामीणों के लिए वरदान साबित हो रहा है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री के गृह जनपद चंपावत के लोहाघाट ब्लॉक की न्याय पंचायत ढोरजा स्थित राजकीय इंटर कॉलेज मैदान, दिगालीचौड़ में बहुद्देशीय जनसेवा शिविर का आयोजन किया गया। शिविर की अध्यक्षता जिलाधिकारी मनीष कुमार ने की।

शिविर के माध्यम से 743 से अधिक ग्रामीणों को विभिन्न विभागीय योजनाओं एवं सेवाओं का प्रत्यक्ष लाभ मिला। प्रशासन की इस पहल से ग्रामीणों को एक ही स्थान पर कई समस्याओं का समाधान मिला, जिससे उन्हें दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़े।

शिविर के दौरान ग्राम नाकोट खोलिया निवासी 38 वर्षीय शेखर चंद खोलिया की गंभीर स्वास्थ्य समस्या सामने आई। जिलाधिकारी ने मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेश चौहान को शेखर के घर जाकर स्वास्थ्य परीक्षण करने के निर्देश दिए। बताया गया कि शेखर चंद करीब 16 माह पूर्व जयपुर में एक फैक्ट्री में करंट लगने से गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिससे उनका आधा शरीर लकवाग्रस्त हो गया और लंबे समय तक बिस्तर पर रहने के कारण अल्सर की समस्या भी उत्पन्न हो गई।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी द्वारा घर जाकर जांच करने के बाद जिलाधिकारी को रिपोर्ट सौंपी गई, जिसके आधार पर जिला अस्पताल में निःशुल्क उपचार सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।

इसके अलावा ग्राम भनार बोरा निवासी दिव्यांग उमेद सिंह सामंत को आर्थिक सहायता, दिव्यांग प्रमाण पत्र तथा वात्सल्य योजना के अंतर्गत लाभ दिलाने के निर्देश दिए गए। वहीं ग्राम भिंडातिवारी निवासी दृष्टिबाधित श्रीमती माता देवी एवं उनकी पुत्री हिमानी की पशुपालन संबंधी शिकायत पर जिलाधिकारी ने मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को प्राथमिकता के आधार पर पशु उपलब्ध कराने और रीप योजना के तहत स्वयं सहायता समूह से जोड़ने के निर्देश दिए।

शिविर के दौरान 53 वर्षीय गणेश दत्त, पुत्र श्री नाथू राम ने दिव्यांग प्रमाण पत्र बनाए जाने हेतु प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। जिलाधिकारी के त्वरित निर्देश पर सभी औपचारिकताएं पूरी कर शिविर स्थल पर ही गणेश दत्त का दिव्यांग प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया, जिससे ग्रामीणों में प्रशासन की कार्यशैली को लेकर सकारात्मक संदेश गया।

शिविर में ग्रामीणों द्वारा जिलाधिकारी को कुल 104 शिकायत पत्र सौंपे गए, जिनमें से अधिकांश का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया, जबकि शेष मामलों में संबंधित विभागों को शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

बहुद्देशीय शिविर के दौरान 35 लोगों का आधार संशोधन एवं पंजीकरण, श्रम विभाग द्वारा 8 श्रमिकों को श्रम कार्ड वितरित किए गए। इसके साथ ही राशन कार्ड, यूसीसी पंजीकरण, केवाईसी, रक्त जांच, सामान्य स्वास्थ्य जांच और विभिन्न प्रमाण पत्रों से जुड़ी सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई गईं। विभिन्न प्रमाण पत्रों के लिए 79 से अधिक आवेदन प्राप्त हुए।

जिलाधिकारी द्वारा रेड क्रॉस सोसाइटी के माध्यम से 21 जरूरतमंद परिवारों को कंबल, किचन किट और अन्य आवश्यक सामग्री वितरित की गई। वहीं महिला एवं बाल विकास विभाग ने सामूहिक बालिका जन्मोत्सव आयोजित कर बेटी बचाओ–बेटी पढ़ाओ अभियान का संदेश दिया। विद्यालय के विद्यार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक विषयों पर प्रदर्शनी लगाकर जन-जागरूकता बढ़ाई।

शिविर के समापन पर ग्रामीणों ने धामी सरकार की जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार पहल को दूरस्थ क्षेत्रों की जनता के लिए अत्यंत उपयोगी बताया और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी तथा जिलाधिकारी मनीष कुमार का आभार व्यक्त किया। ग्रामीणों का कहना था कि इस तरह के शिविरों से शासन-प्रशासन सीधे जनता तक पहुंच रहा है और समस्याओं का त्वरित समाधान संभव हो रहा है।