

न्याय पंचायत संसाधन केंद्र लाखन मंडी के अंतर्गत आने वाले 15 प्राथमिक, जूनियर, हाई स्कूल एवं इंटर कॉलेजों की विद्यालय प्रबंधन समिति (एसएमसी) के सदस्यों का तीन दिवसीय प्रशिक्षण संकुल कुँवरपुर में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस प्रशिक्षण में कुल 90 सदस्यों ने प्रतिभाग किया।



प्रशिक्षण कार्यक्रम में राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद उत्तराखंड द्वारा निर्मित मॉड्यूल के आधार पर विस्तृत प्रशिक्षण दिया गया। इसमें समग्र शिक्षा, शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009, बाल अधिकार एवं संरक्षण, सामाजिक समपर्यवेक्षण, स्थानीय प्राधिकारी की जिम्मेदारियां, बाल गणना, नामांकन, स्कूल मैपिंग, पीएम पोषण योजना में एसएमसी की भूमिका, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा हेतु वातावरण निर्माण, स्वच्छता एवं बाल स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण विषय शामिल रहे।



इसके अलावा विद्यालय वित्तीय प्रबंधन, बालिका शिक्षा कार्यक्रमों की आवश्यकताएं और गतिविधियां, भौतिक संसाधनों की उपलब्धता व निर्माण कार्य, आपदा प्रबंधन, विद्यालय सुरक्षा, साइबर क्राइम जागरूकता, समावेशी शिक्षा तथा समुदाय के साथ एसएमसी की भूमिका पर भी चर्चा और अभ्यास कराया गया।




प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनर के रूप में डिकर सिंह पडियार, ममता आर्य और सीआरपी हिमांशु रौतेला उपस्थित रहे, जबकि नोडल अधिकारी के रूप में राजकीय बालिका इंटर कॉलेज किशनपुर की प्रधानाचार्य श्रीमती उषा सिंह ने प्रशिक्षण संचालन में योगदान दिया।



प्रशिक्षण में शामिल सदस्यों ने आश्वस्त किया कि वे अपने-अपने विद्यालयों में imparted सुझावों और प्रक्रियाओं को सक्रियता से लागू करेंगे, जिससे छात्रों और विद्यालय के सर्वांगीण विकास में मदद मिलेगी।

संकुल स्तर पर अगला तीन दिवसीय प्रशिक्षण 24 तारीख से राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नवाडखेड़ा में आयोजित किया जाएगा।



