

IPL 2025 में चैंपियन बनने के बाद रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) द्वारा आयोजित विक्ट्री परेड के दौरान 4 जून को हुई भगदड़ पर अब कर्नाटक सरकार ने हाईकोर्ट में विस्तृत रिपोर्ट पेश की है। इस दर्दनाक हादसे में 11 लोगों की मौत हो गई थी जबकि 47 लोग घायल हुए थे।


रिपोर्ट में कई गंभीर लापरवाहियों और व्यवस्थागत विफलताओं का उल्लेख है। हैरानी की बात यह है कि रिपोर्ट में टीम इंडिया और RCB के स्टार खिलाड़ी विराट कोहली का नाम भी सामने आया है।



रिपोर्ट में क्या कहा गया है?
- बिना अनुमति किया गया आयोजन: आयोजक DNA Networks Pvt. Ltd ने 3 जून को केवल पुलिस को सूचित किया था, लेकिन आवश्यक अनुमतियाँ नहीं लीं।
- RCB की सार्वजनिक घोषणा: RCB ने बिना अनुमति सोशल मीडिया पर 4 जून को इवेंट की घोषणा कर दी। विराट कोहली ने भी वीडियो में फैन्स से मुफ्त में आने की अपील की, जिससे भीड़ अनियंत्रित हो गई।

- तीन लाख से अधिक की भीड़ उमड़ी: अनुमान से कई गुना अधिक लोग आयोजन स्थल पर पहुंच गए।
- पल भर में बदली गाइडलाइन: कार्यक्रम शुरू होने से कुछ ही समय पहले दोपहर 3:14 बजे यह ऐलान किया गया कि स्टेडियम में एंट्री के लिए पास ज़रूरी होगा। इससे अफरातफरी मच गई।

- भीड़ नियंत्रण में भारी चूक: RCB, DNA और कर्नाटक स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (KSCA) के बीच समन्वय की कमी रही। गेट खोलने में देरी, अव्यवस्था और दिशा-निर्देशों की स्पष्टता के अभाव में भगदड़ मच गई।
- पुलिसकर्मी भी घायल: भगदड़ में 7 पुलिसकर्मी घायल हुए।
- कार्यवाही शुरू: घटना के बाद न्यायिक जांच, FIR दर्ज, कुछ पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई, मुख्यमंत्री के राजनीतिक सचिव का निलंबन और इंटेलिजेंस चीफ का तबादला किया गया। घायलों को मुआवज़ा भी घोषित हुआ।

विराट कोहली का नाम क्यों आया?

रिपोर्ट में उल्लेख किया गया कि विराट कोहली ने सोशल मीडिया वीडियो के माध्यम से फैंस से “फ्री में आने” की अपील की थी, जिससे आयोजन को लेकर गलतफहमियां पैदा हुईं और बिना पास के हजारों लोग पहुंच गए। इसे भगदड़ का एक बड़ा कारण माना गया।


निष्कर्ष:
RCB की जीत पर आयोजित यह विक्ट्री परेड बिना तैयारी और अनुमति के जल्दबाज़ी में की गई, जिसका नतीजा एक बड़े हादसे के रूप में सामने आया। अब जब सरकार ने हाईकोर्ट में रिपोर्ट पेश कर दी है, तो RCB और आयोजकों की भूमिका पर कानूनी सवाल उठना तय है।


