चमोली: हरेला पर्व के साथ सावन माह का शुभारंभ, गोपीनाथ मंदिर में उमड़े श्रद्धालु

चमोली: हरेला पर्व के साथ सावन माह का शुभारंभ, गोपीनाथ मंदिर में उमड़े श्रद्धालु

स्थान : चमोली
रिपोर्ट : संदीप कुमार

उत्तराखंड के चमोली जिले में लोकपर्व हरेला की शुरुआत के साथ ही सावन माह का भी शुभारंभ हो गया है। यह माह भगवान शिव को समर्पित माना जाता है, और इसकी शुरुआत के साथ ही शिवालयों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी है।

जिला मुख्यालय गोपेश्वर स्थित प्राचीन गोपीनाथ मंदिर के पुजारी प्रवीण भट्ट ने जानकारी देते हुए बताया कि गढ़वाल क्षेत्र में परंपरागत रूप से हरेला पर्व से ही सावन महीने की शुरुआत मानी जाती है। यह समय शिव भक्ति, लोकपरंपराओं और प्रकृति संरक्षण का संगम होता है।

लोकपर्व हरेला: प्रकृति पूजन और समृद्धि की कामना

हरेला पर्व के अवसर पर लोगों ने घर-आंगन में हरियाली की प्रतीक हरेला टोकरी सजाई और वृक्षारोपण कर सुख-समृद्धि की कामना की। गढ़वाल क्षेत्र में हरेला पर्व का विशेष महत्व है, जहाँ इसे पर्यावरण संरक्षण से जोड़कर मनाया जाता है।

शिवालयों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

सावन के पहले दिन, गोपेश्वर के गोपीनाथ मंदिर सहित क्षेत्र के विभिन्न शिव मंदिरों में पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंचे। भोलेनाथ का जलाभिषेक कर भक्तों ने परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की।

पुजारी प्रवीण भट्ट ने बताया,

“यह माह भगवान शिव की भक्ति का होता है। सावन में की गई पूजा विशेष फलदायक मानी जाती है। हरेला पर्व और सावन का एक साथ आना शुभ संकेत है।”


निष्कर्ष:
हरेला पर्व और सावन मास का संगम चमोली में श्रद्धा, संस्कृति और प्रकृति संरक्षण का प्रतीक बनकर उभरा है। एक ओर जहां लोग हरियाली और जीवन का उत्सव मना रहे हैं, वहीं दूसरी ओर शिवभक्त सावन के प्रथम सोमवार की तैयारियों में जुटे हैं।