

देहरादून
देश के कुछ राज्यों में कोविड संक्रमण के मामलों में एक बार फिर बढ़ोतरी देखी जा रही है, जिसे देखते हुए उत्तराखंड सरकार ने भी सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से सभी जिलों के मुख्य चिकित्साधिकारियों (CMO) को कोविड की रोकथाम और निगरानी के निर्देश जारी किए गए हैं।


राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (NCDC) और एकीकृत रोग निगरानी कार्यक्रम (IDSP) की ओर से कोविड संक्रमण को लेकर उत्तराखंड सरकार को अलर्ट जारी किया गया है। इसके बाद राज्य सरकार ने निगरानी तंत्र को मजबूत करने और रिपोर्टिंग प्रक्रिया को अनिवार्य बनाने का निर्णय लिया है।

तीर्थयात्रियों और पर्यटकों से बढ़ा जोखिम
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, महाराष्ट्र, केरल, तमिलनाडु और गुजरात जैसे राज्यों में कोविड के मामले फिर से बढ़ने लगे हैं। इन राज्यों से बड़ी संख्या में चारधाम यात्रा के लिए श्रद्धालु उत्तराखंड पहुंच रहे हैं। इसके साथ ही पर्यटन सीजन भी चरम पर है, जिससे देश-विदेश से भारी संख्या में पर्यटक राज्य में आ रहे हैं। ऐसे में संक्रमण का खतरा बढ़ने की आशंका को देखते हुए सरकार ने सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।



स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने दी जानकारी
स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा,

“राज्य में अभी स्थिति सामान्य है, लेकिन कोविड संक्रमण को रोकने के लिए समय रहते सतर्कता बेहद आवश्यक है। सभी जिलों को निगरानी बढ़ाने और सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।”


उन्होंने बताया कि यदि किसी मरीज में कोविड संक्रमण की पुष्टि होती है, तो उसके सैंपल की जीनोम सीक्वेंसिंग की जाएगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वायरस का कौन सा वैरिएंट सक्रिय है। इसके अलावा कोविड जांच, संक्रमितों की संख्या और अस्पताल में भर्ती मरीजों की जानकारी को IDSP पोर्टल पर अनिवार्य रूप से अपडेट करना होगा।


सतर्कता के लिए दिए गए प्रमुख निर्देश:
- जिलों में कोविड निगरानी व्यवस्था सक्रिय की जाए
- कोविड जांच में बढ़ोतरी की जाए
- संक्रमित मरीजों का डेटा समय से पोर्टल पर अपलोड किया जाए
- जरूरत पड़ने पर अस्पतालों को अलर्ट मोड पर रखा जाए
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राज्य तैयार है, और यदि संक्रमण बढ़ता है तो आवश्यक कदम तत्काल उठाए जाएंगे।




