खाद की किल्लत से जूझ रहे किसान

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रिपोर्टर- नरेश तोमर

स्थान- लक्सर

हरिद्वार जिले के किसान इस समय खाद की किल्लत से जूझ रहे हैं। वसंतकालीन गन्ने की बुआई करने के लिए उन्हें यूरिया और डीएपी खाद की जरूरत पड़ रही है। लेकिन गन्ना समिति और दूसरी सहकारी समितियों पर दस दिन से खाद नहीं है। ऊपर से इस महीने जिले में खाद की रैक आने की उम्मीद भी नहीं है।हरिद्वार के किसान सबसे ज्यादा खेती गन्ने की करते हैं। इस समय क्षेत्र के किसान वसंतकालीन गन्ने की बुआई में जुटे हुए हैं। परंतु यूरिया तथा डीएपी (डाई अमोनियम फास्फेट) खाद न मिलने के कारण किसानों की बुआई में देरी हो रही है। किसान प्रतीक ने बताया कि वे लक्सर गन्ना समिति या किसी दूसरी सहकारी समितियों से ही खाद लेते हैं।

वजह है कि समितियों से उन्हें सीजन भर के लिए उधार खाद मिल जाता है। दूसरे सीधे इफको से आपूर्ति होने के कारण खाद में मिलावट की आशंका भी नहीं रहती है। लेकिन मार्च के पहले हफ्ते के बाद से समितियों पर खाद मौजूद नहीं है। राजू व फूलसिंह  आदि ने बताया कि खाद के लिए किसान रोज समितियों के चक्कर काट रहे हैं। लेकिन दो हफ्ते से वहां खाद उपलब्ध नहीं है। समिति कर्मचारियों को यह भी पता नहीं है| कि उनके गोदाम पर खाद कब तक आएगा। सत्यपाल राणा, चंद्रपाल सिंह, उमेश चौधरी ने बताया कि बड़े किसान तो बाजार से नकद खाद खरीदकर गन्ने की बुआई कर रहे हैं, लेकिन छोटे किसानों के पास नकद खरीद के लिए पैसा नहीं है। इससे उनकी गन्ने की बुआई लेट हो रही है।