शहीद के नाम की सड़क बदहाल, गड्ढों और कीचड़ से ग्रामीण परेशान

शहीद के नाम की सड़क बदहाल, गड्ढों और कीचड़ से ग्रामीण परेशान

स्थान : चम्पावत
ब्यूरो रिपोर्ट

बाराकोट ब्लॉक में शहीद श्याम सिंह बिष्ट के नाम पर बना मोटर मार्ग लंबे समय से बदहाल स्थिति में है। क्षेत्रवासी सड़क के डामरीकरण और सुधारीकरण की मांग लगातार उठा रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शासन-प्रशासन और लोक निर्माण विभाग को समस्या से अवगत कराने के बावजूद सड़क की स्थिति में सुधार नहीं हुआ है।

ग्रामीणों के मुताबिक सड़क पर जगह-जगह गड्ढे बने हुए हैं। लोक निर्माण विभाग लोहाघाट की ओर से गड्ढों को भरने के लिए मिट्टी डालने का आरोप है, जो बरसात के बाद अब कीचड़ में तब्दील हो गई है। इससे सड़क पर वाहनों का संचालन मुश्किल हो रहा है।

सड़क पर अत्यधिक कीचड़ होने के कारण कई स्थानों पर वाहन फंस रहे हैं, जबकि फिसलन से दुर्घटना की आशंका भी बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि स्थिति ऐसी है कि कई जगह लोगों के लिए पैदल चलना तक मुश्किल हो गया है। बारिश के दौरान परेशानी और बढ़ रही है।

चामी के पूर्व ग्राम प्रधान प्रकाश महर ने बताया कि सड़क के डामरीकरण और सुधारीकरण के लिए लोक निर्माण विभाग एवं प्रशासनिक अधिकारियों से कई बार मांग की जा चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थायी समाधान के बजाय गड्ढों में मिट्टी डालकर अस्थायी तौर पर काम चलाया जा रहा है।

प्रकाश महर ने शहीद के नाम पर बनी सड़क की बदहाल स्थिति पर नाराजगी जताते हुए कहा कि एक ओर सरकार शहीदों के सम्मान की बात करती है और स्मारक निर्माण के लिए शहीदों के घरों से मिट्टी एकत्र करती है, वहीं दूसरी ओर शहीद के नाम पर बनी सड़क की हालत सुधारने की मांग पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि केवल शहीद के नाम का बोर्ड लगा देना पर्याप्त नहीं है। शहीद के सम्मान से जुड़े मार्ग को बेहतर स्थिति में रखना भी जरूरी है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जनसमस्या को गंभीरता से लेते हुए सड़क का जल्द सुधारीकरण और डामरीकरण कराने की मांग की है।

ग्रामीणों के अनुसार यह मोटर मार्ग कई ग्राम सभाओं को जोड़ता है और बड़ी संख्या में लोग रोजाना इसका उपयोग करते हैं। सड़क की खराब स्थिति के कारण स्थानीय लोगों, स्कूली बच्चों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। क्षेत्रवासियों ने स्थायी सुधारीकरण कार्य जल्द शुरू करने की मांग की है।

पूर्व प्रधान प्रकाश महर और क्षेत्रवासियों ने चेतावनी दी कि यदि सड़क का सुधारीकरण नहीं किया गया तो ग्रामीण वर्ष 2027 के चुनाव के बहिष्कार का निर्णय लेने के लिए मजबूर हो सकते हैं। ग्रामीणों ने कहा कि ऐसी स्थिति उत्पन्न होने पर इसकी जिम्मेदारी सरकार और संबंधित विभागों की होगी।

वहीं लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता हितेश कांडपाल ने बताया कि सड़क के सुधारीकरण का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। उन्होंने कहा कि लोगों की परेशानी को देखते हुए फिलहाल प्रत्येक सप्ताह सड़क पर आईबीएम डाला जा रहा है। अब क्षेत्रवासियों की निगाह शासन से प्रस्ताव को मंजूरी मिलने और स्थायी सुधारीकरण कार्य शुरू होने पर टिकी है।