
स्थान : पौड़ी
ब्यूरो रिपोर्ट


जिले में लगातार हो रही भारी बारिश अब लोगों के आशियानों पर भी आफत बनकर टूट रही है। पाबौ ब्लॉक के सकन्याणा गांव में देर शाम भारी बारिश के बीच एक मकान अचानक भरभराकर ढह गया। हादसे के समय परिवार के सदस्य मकान के अंदर मौजूद थे, लेकिन समय रहते बाहर निकलने से बड़ा हादसा टल गया।


जानकारी के अनुसार सकन्याणा गांव निवासी रमेश चंद्र पोखरियाल पुत्र नारायण दत्त का मकान लगातार बारिश के कारण पहले क्षतिग्रस्त हुआ और इसके बाद देखते ही देखते ढह गया। मकान गिरने की आवाज सुनते ही परिवार के सदस्य तत्काल बाहर निकल आए, जिससे सभी की जान बच गई।



मकान के मलबे में परिवार की गृहस्थी का अधिकांश सामान दब गया। खाद्य सामग्री, कपड़े, घरेलू सामान, जरूरी दस्तावेज और गहनों समेत कई वस्तुओं के नष्ट होने की बात सामने आई है। हालांकि घटना में परिवार के किसी सदस्य के घायल होने की सूचना नहीं है।



मकान ढहने से परिवार को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। वहीं पूरा मकान क्षतिग्रस्त होने के बाद परिवार के सामने सुरक्षित रहने की समस्या भी खड़ी हो गई है। लगातार बारिश के बीच प्रभावित परिवार की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।


घटना की सूचना स्थानीय पटवारी के साथ जिला आपदा कंट्रोल रूम को दी गई। सूचना मिलने के बाद राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची और प्रभावित मकान तथा मलबे में दबे सामान का जायजा लिया। टीम ने परिवार से भी नुकसान के संबंध में जानकारी जुटाई।

राजस्व विभाग की ओर से मकान और घरेलू सामान को हुई क्षति का आकलन किया गया है। आवश्यक कार्रवाई और राहत उपलब्ध कराने के लिए नुकसान से संबंधित रिपोर्ट जिला प्रशासन को भेजी गई है। प्रभावित परिवार को अब प्रशासन की ओर से मिलने वाली सहायता का इंतजार है।



पीड़ित परिवार ने जिला प्रशासन से तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है। इसके साथ ही परिवार ने सुरक्षित आवास की व्यवस्था करने की भी गुहार लगाई है, ताकि बारिश के इस दौर में उन्हें रहने के लिए सुरक्षित स्थान मिल सके।


जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया के अनुसार जिले में बारिश के कारण अब तक 288 भवनों को आंशिक क्षति पहुंची है, जबकि कुछ भवन पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। उन्होंने बताया कि प्रभावित परिवारों को नियमानुसार तत्काल मुआवजा राशि उपलब्ध कराई जा रही है।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को बारिश को देखते हुए अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं। लगातार हो रही बारिश के बीच प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों और क्षतिग्रस्त भवनों पर नजर रखी जा रही है। वहीं सकन्याणा की घटना ने एक बार फिर बारिश के दौरान कमजोर और क्षतिग्रस्त मकानों में रह रहे परिवारों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

