
स्थान : हरिद्वार
ब्यूरो रिपोर्ट


हरिद्वार ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में जलभराव समेत विभिन्न समस्याओं को लेकर विधायक अनुपमा रावत ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने क्षेत्र में बारिश के दौरान पैदा होने वाले हालात को गंभीर बताते हुए सरकार और प्रशासन से समस्याओं का स्थायी समाधान करने की मांग की।


विधायक अनुपमा रावत ने कहा कि बरसात के दौरान ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो जाती है। इससे लोगों को घरों से निकलने और रोजमर्रा के काम करने में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।



उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर जलभराव इतना गंभीर हो जाता है कि लोगों की सुरक्षा को लेकर भी खतरा पैदा हो जाता है। पानी की निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश के दौरान ग्रामीणों की परेशानी लगातार बढ़ती है।



अनुपमा रावत ने दावा किया कि जलभराव और क्षेत्र की अन्य समस्याओं को लेकर संबंधित अधिकारियों को कई बार पत्र लिखे जा चुके हैं। अधिकारियों को जमीनी स्थिति से अवगत कराने के बावजूद अभी तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।


विधायक ने कहा कि ग्रामीणों की समस्याओं की लगातार अनदेखी नहीं की जा सकती। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि संबंधित विभागों और प्रशासन ने समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए जल्द ठोस कदम नहीं उठाए तो वह अनशन पर बैठने के लिए मजबूर होंगी।

अनुपमा रावत ने क्षेत्र में विकास कार्यों को लेकर भी प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में हरिद्वार ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में कई विकास कार्य कराए गए थे, लेकिन उसके बाद क्षेत्र में विकास की गति प्रभावित हुई है।



उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में जल निकासी, सड़क और अन्य मूलभूत सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान होना चाहिए। इन समस्याओं के कारण आम लोगों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ रही है।

इस दौरान ग्रामीणों ने भी विधायक के सामने अपनी समस्याएं रखीं। विधायक ने ग्रामीणों की बात सुनने के बाद उनके मुद्दों को मीडिया के सामने उठाते हुए संबंधित विभागों से समयबद्ध और प्रभावी कार्रवाई की मांग की।
विधायक अनुपमा रावत ने सरकार और प्रशासन से हरिद्वार ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र में जलभराव समेत अन्य समस्याओं के समाधान के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने की मांग की। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए और इसके लिए वह लगातार आवाज उठाती रहेंगी।

