
स्थान : पौड़ी
ब्योरो रिपोर्ट


जिला पंचायत की बुधवार को हुई बैठक में जिलाधिकारी की लगातार बैठकों से दूरी और जिला योजना में निर्वाचित सदस्यों की कथित अनदेखी को लेकर जमकर हंगामा हुआ। सदस्यों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि अब तक किसी भी बैठक में जिलाधिकारी के शामिल न होने से जिला पंचायत की भूमिका और महत्व कमजोर हो रहा है।


बैठक में सदस्यों ने आरोप लगाया कि जिला योजना तैयार करने में विधायकों के प्रस्तावों को प्राथमिकता दी जा रही है, जबकि निर्वाचित जिला पंचायत सदस्यों के क्षेत्रों की आवश्यकताओं और समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा है। सदस्यों ने कहा कि जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों को विकास योजनाओं में उचित भागीदारी मिलनी चाहिए।




जिला पंचायत सदस्यों ने विकास कार्यों के शिलापट्टों पर नाम अंकित किए जाने को लेकर भी सवाल उठाए। आरोप लगाया गया कि निर्वाचित सदस्यों के बजाय भाजपा पदाधिकारियों और पूर्व जनप्रतिनिधियों के नाम शिलापट्टों पर दर्ज किए जा रहे हैं। सदस्यों ने इसे निर्वाचित प्रतिनिधियों के अधिकारों की अनदेखी बताया।

बैठक में भरसार क्षेत्र में छात्रा की मौत का मामला भी प्रमुखता से उठा। सदस्यों ने क्षेत्र में लंबे समय से चिकित्सक की तैनाती नहीं होने और स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी पर सवाल उठाए। उन्होंने मामले में जिम्मेदारी तय करने और ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को तत्काल मजबूत करने की मांग की।



सदस्य पूनम कैंतुरा ने जिला योजना समिति (डीपीसी) का गठन नहीं होने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि डीपीसी के गठन में देरी से जिला स्तर पर विकास योजनाओं के प्रभावी समन्वय और जनप्रतिनिधियों की भागीदारी प्रभावित हो रही है। इस मुद्दे पर भी सदस्यों ने अपनी नाराजगी जताई।
बैठक में उरेडा से सोलर लाइट उपलब्ध कराने की मांग भी रखी गई। सदस्यों की मांग पर जिला पंचायत अध्यक्ष रचना बुटोला ने प्रत्येक सदस्य के क्षेत्र में सोलर लाइट उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोशनी और सार्वजनिक सुविधाओं को बेहतर करने की उम्मीद जताई गई।




इसके अलावा सदस्यों ने क्षेत्र में अवैध शराब के कारोबार और कृषि विभाग की ओर से कराए जा रहे घेरबाड़ कार्यों में अनियमितता के आरोप भी लगाए। सदस्यों ने संबंधित अधिकारियों से मामलों की जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। बैठक में उठे विभिन्न मुद्दों पर अधिकारियों से जवाब भी मांगा गया।

बैठक के अंत में जिला पंचायत अध्यक्ष रचना बुटोला ने अधिकारियों को जनप्रतिनिधियों की ओर से उठाई गई समस्याओं का प्राथमिकता और समयबद्ध तरीके से निस्तारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में पारदर्शिता और जनप्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंच सके।

