
स्थान : किच्छा (ऊधम सिंह नगर)
ब्यूरो रिपोर्ट


ऊधम सिंह नगर में लगातार हो रही बारिश के चलते नदी-नाले उफान पर हैं। वहीं हल्द्वानी से गौला नदी में करीब 27 हजार क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद किच्छा समेत नदी से सटे इलाकों में खतरा बढ़ गया है। स्थिति को देखते हुए प्रशासन और पुलिस ने संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी है।


किच्छा, पुलभट्टा, शांतिपुरी और सूर्यनगर समेत नदी किनारे बसे इलाकों में प्रशासन की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रखा गया है, ताकि जलस्तर बढ़ने की स्थिति में तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सके।


नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए संवेदनशील इलाकों में लाउडस्पीकर के जरिए मुनादी कराई जा रही है। लोगों को चेतावनी दी जा रही है कि वे नदी के किनारे न जाएं और किसी भी तरह का जोखिम न उठाएं। प्रशासन ने नदी के आसपास रहने वाले लोगों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है।


प्रशासन की ओर से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा गया है। खासतौर पर नदी और नालों के आसपास रहने वाले लोगों को जलस्तर बढ़ने की स्थिति में तत्काल सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए तैयार रहने की हिदायत दी गई है।


लगातार बारिश का असर जनपद के अन्य इलाकों में भी दिखाई दे रहा है। किच्छा के डिग्री कॉलेज परिसर में बारिश का पानी भर गया, जिससे छात्र-छात्राओं की पढ़ाई प्रभावित हुई। इसके अलावा जिले के कई क्षेत्रों में जलभराव के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

किच्छा के साप्ताहिक बाजार में भी बारिश का पानी भरने से व्यापारियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। कई दुकानों में पानी घुसने से सामान भीग गया, जिससे दुकानदारों को नुकसान होने की बात सामने आई है। जलभराव के कारण बाजार में आवाजाही भी प्रभावित हुई।


गौला नदी में पानी छोड़े जाने और लगातार बारिश के कारण प्रशासन के सामने नदी किनारे बसे इलाकों की सुरक्षा सबसे बड़ी चुनौती बन गई है। पुलिस और प्रशासन की टीमें संवेदनशील क्षेत्रों में लगातार स्थिति का जायजा ले रही हैं और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी में हैं।


फिलहाल प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि नदी-नालों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए किसी भी तरह की लापरवाही न बरतें। प्रशासन की चेतावनी को गंभीरता से लेते हुए नदी और नालों के आसपास जाने से पूरी तरह बचें और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल संबंधित अधिकारियों को सूचना दें।

