गिद्धावाली सहकारी समिति का चुनाव विवादों में, पूरा संचालक मंडल भंग करने की संस्तुति

गिद्धावाली सहकारी समिति का चुनाव विवादों में, पूरा संचालक मंडल भंग करने की संस्तुति

स्थान : लक्सर
ब्यूरो रिपोर्ट

लक्सर तहसील के खानपुर क्षेत्र की गिद्धावाली किसान सहकारी समिति में चुनावी अनियमितताओं का मामला सामने आने के बाद अब कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है। मामले की जांच के बाद उपजिलाधिकारी ने समिति के पूरे संचालक मंडल को भंग करने की संस्तुति जिलाधिकारी और जिला निबंधन अधिकारी को भेज दी है।

बताया गया कि गिद्धावाली किसान सहकारी समिति में पिछले दिनों सभापति, उपसभापति और संचालक मंडल के चुनाव कराए गए थे। चुनाव प्रक्रिया के दौरान अनियमितता बरते जाने के आरोप लगाते हुए किसान बबलू आधाना ने कई उच्चाधिकारियों से शिकायत की थी।

शिकायत में चुनाव प्रक्रिया को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए थे। मामले को अधिकारियों ने गंभीरता से लेते हुए जांच की जिम्मेदारी लक्सर के उपजिलाधिकारी अनिल कुमार शुक्ला को सौंपी थी। इसके बाद एसडीएम के स्तर से पूरे प्रकरण की जांच कराई गई।

जांच के दौरान चुनाव प्रक्रिया से जुड़े विभिन्न बिंदुओं की पड़ताल की गई। एसडीएम अनिल कुमार शुक्ला के अनुसार, जांच में शिकायतकर्ता की ओर से लगाए गए आरोप सही पाए गए। इसके बाद मामले में समिति के संचालक मंडल के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की गई।

जांच रिपोर्ट के आधार पर एसडीएम ने गिद्धावाली किसान सहकारी समिति के पूरे संचालक मंडल को निरस्त अथवा भंग करने की संस्तुति की है। इस संबंध में रिपोर्ट जिलाधिकारी और जिला निबंधन अधिकारी को भेज दी गई है। अब उच्चाधिकारियों के स्तर से आगे की कार्रवाई की जानी है।

मामला सामने आने के बाद सहकारी समितियों की चुनाव प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। प्रशासन की इस कार्रवाई से जिले की अन्य सहकारी समितियों में भी हड़कंप की स्थिति बताई जा रही है।

अधिकारियों की जांच में अनियमितताएं सामने आने के बाद अब समिति के चुनाव और संचालक मंडल से जुड़े अभिलेखों तथा प्रक्रिया की भी चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, अंतिम कार्रवाई संबंधित उच्चाधिकारियों के निर्णय के बाद ही स्पष्ट होगी।

इधर, शिकायतकर्ता बबलू आधाना की शिकायत पर हुई जांच के बाद प्रशासन की ओर से उठाए गए कदम को सहकारी क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्रवाई माना जा रहा है। अब सभी की निगाहें जिलाधिकारी और जिला निबंधन अधिकारी की ओर से लिए जाने वाले अगले निर्णय पर टिकी हैं।