विदेश में रह रहीं बहनों ने भेजी राखी, मां ने बेटियों की ओर से भाइयों की कलाई पर बांधा रक्षा सूत्र

विदेश में रह रहीं बहनों ने भेजी राखी, मां ने बेटियों की ओर से भाइयों की कलाई पर बांधा रक्षा सूत्र

स्थान :बाजपुर
ब्यूरो रिपोर्ट

रक्षाबंधन का पर्व भाई-बहन के अटूट प्रेम, स्नेह और विश्वास का प्रतीक है। बाजपुर में इस बार रक्षाबंधन के मौके पर कुछ परिवारों में रिश्तों की भावनाओं को बयां करने वाला भावुक नजारा देखने को मिला। विदेश में रह रही बहनें भले ही अपने भाइयों की कलाई पर खुद राखी नहीं बांध सकीं, लेकिन उन्होंने दूर रहकर भी अपने प्यार का एहसास कराया।

विदेश में रहने वाली बहनों ने रक्षाबंधन से पहले अपने भाइयों के लिए राखियां भेजीं। राखियां जब घर पहुंचीं तो परिवार में खुशी का माहौल बन गया। हालांकि, बहनों की गैरमौजूदगी का मलाल भी परिवार के सदस्यों को रहा।

ऐसे में भाइयों की मां ने अपनी बेटियों की भावनाओं को समझते हुए उनकी ओर से बेटों की कलाई पर राखी बांधी। मां के हाथों राखी बंधवाकर भाइयों ने अपनी बहनों के प्रति प्यार और भावनाओं को याद किया। इस दौरान परिवार में खुशी के साथ-साथ भावुकता का माहौल भी नजर आया।

रक्षाबंधन के पर्व पर आमतौर पर बहनें अपने भाइयों की कलाई पर राखी बांधती हैं और उनकी लंबी उम्र तथा खुशहाल जीवन की कामना करती हैं। लेकिन इन परिवारों में हजारों किलोमीटर की दूरी के बावजूद बहनों का प्यार भाइयों तक राखी के जरिए पहुंचा।

बहनों ने विदेश से राखियां भेजकर यह संदेश दिया कि दूरी चाहे कितनी भी हो, भाई-बहन के रिश्ते में स्नेह और अपनापन कम नहीं होता। राखी के घर पहुंचने के बाद मां ने बेटियों की भावनाओं को आगे बढ़ाते हुए भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र बांधा।

मां के हाथों राखी बंधवाते समय भाइयों के चेहरे पर खुशी साफ दिखाई दी, लेकिन बहनों की कमी भी महसूस हुई। भाइयों ने कहा कि बहनें भले ही विदेश में रह रही हैं, लेकिन उनकी भेजी हुई राखी ने उन्हें अपनेपन का एहसास कराया।

परिवार के सदस्यों ने बताया कि रक्षाबंधन जैसे त्योहार रिश्तों को और मजबूत करने का अवसर देते हैं। इस बार बहनों के विदेश में होने के कारण वह स्वयं अपने भाइयों को राखी नहीं बांध सकीं, लेकिन उनकी राखी और भावनाएं घर तक पहुंचीं।

इस दौरान परिवार के लोगों ने मिलकर रक्षाबंधन का त्योहार मनाया। मां ने बेटियों की ओर से भाइयों को राखी बांधी और परिवार के सदस्यों ने एक-दूसरे को पर्व की शुभकामनाएं दीं। त्योहार के बीच बहनों की याद ने माहौल को भावुक भी कर दिया।

भाइयों का कहना था कि बहनें उनसे हजारों किलोमीटर दूर जरूर हैं, लेकिन राखी के रूप में उनका प्यार उनके साथ है। विदेश से भेजी गई राखी ने दूरी को कुछ हद तक कम कर दिया और भाई-बहन के रिश्ते की गर्माहट को परिवार के बीच बनाए रखा।

बाजपुर में सामने आया यह दृश्य बताता है कि रक्षाबंधन सिर्फ एक रस्म या त्योहार नहीं, बल्कि भावनाओं और रिश्तों का पर्व है। बहनों की मौजूदगी भले ही इस बार परिवार में नहीं रही, लेकिन उनकी भेजी राखियों ने भाई-बहन के प्रेम और अपनत्व को जीवंत बनाए रखा।