स्थान : देहरादून
ब्यूरो रिपोर्ट


उत्तराखंड में आयुष सेवाओं और आयुष शिक्षा को मजबूत करने की दिशा में सरकार ने कई महत्वपूर्ण फैसले लिए हैं। आयुष एवं आयुष शिक्षा मंत्री मदन कौशिक ने विधानसभा स्थित अपने कार्यालय में विभागीय अधिकारियों के साथ बैठक कर विभिन्न योजनाओं, लंबित प्रकरणों और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की समीक्षा की। मंत्री ने अधिकारियों को सभी मामलों में समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।


बैठक में चिकित्सा अधिकारियों के एसीपी, डीएसीपी, स्थायीकरण, नए पदों के सृजन और आयुष क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार से जुड़े मामलों पर विस्तार से चर्चा की गई। मंत्री ने कहा कि विभागीय कार्यों में अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और पात्र अधिकारियों को समय पर उनका लाभ मिलना सुनिश्चित किया जाए।


मंत्री मदन कौशिक ने निर्देश दिए कि वर्ष 2013 और 2015 में नियुक्त अथवा विनियमित किए गए चिकित्सा अधिकारियों में जो अधिकारी एसीपी के लिए पात्र हैं, उन्हें एक माह के भीतर इसका लाभ प्रदान किया जाए। उन्होंने अधिकारियों से पात्रता से संबंधित सभी मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने को कहा।


बैठक में यह भी सामने आया कि कुछ चिकित्सा अधिकारियों से संबंधित आवश्यक दस्तावेज विभाग के पास उपलब्ध नहीं हैं। इस पर मंत्री ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन अधिकारियों के अभिलेख उपलब्ध नहीं हैं, उनसे आवश्यक दस्तावेज प्राप्त करने के लिए तत्काल पत्राचार किया जाए, ताकि एसीपी से जुड़े मामलों के निस्तारण में किसी तरह की देरी न हो।

चिकित्सा अधिकारियों को डीएसीपी का लाभ देने के मामले में भी बैठक में जानकारी दी गई। मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर डीएसीपी से संबंधित प्रस्ताव वित्त विभाग को भेजा जा चुका है। उन्होंने अधिकारियों को प्रस्ताव से जुड़ी आवश्यक प्रक्रिया को तेजी से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।


मंत्री ने वर्ष 2024 बैच के चिकित्सा अधिकारियों के स्थायीकरण को लेकर भी अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि जिन चिकित्सा अधिकारियों का परिवीक्षा काल मार्च 2026 में पूरा हो चुका है, उनके स्थायीकरण की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाएगी। इससे संबंधित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने को कहा गया है।



बैठक में आयुष क्षेत्र से जुड़े योग अनुदेशकों के मानदेय का मुद्दा भी उठा। मंत्री ने बताया कि योग अनुदेशकों का मानदेय 250 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये प्रति घंटा करने का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है। प्रस्ताव पर स्वीकृति मिलने के बाद योग अनुदेशकों को इसका लाभ मिलने की उम्मीद है।
मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रदेश में आयुष चिकित्सा पद्धतियों को मजबूत करने के साथ-साथ आम लोगों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना है। इसके लिए विभाग में मानव संसाधन को मजबूत करने, लंबित प्रकरणों का निस्तारण करने और आवश्यकतानुसार नए पदों के सृजन की दिशा में भी कदम उठाए जा रहे हैं।

बैठक में अधिकारियों को आयुष सेवाओं और शिक्षा से जुड़ी योजनाओं की नियमित समीक्षा करने तथा शासन स्तर से जारी निर्देशों का समयबद्ध अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा गया। सरकार के इन फैसलों से जहां पात्र चिकित्सा अधिकारियों को लंबित सेवा लाभ मिलने की राह आसान होगी, वहीं आयुष क्षेत्र में कार्यरत योग अनुदेशकों और स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।

