स्थान : जसपुर
ब्यूरो रिपोर्ट


जनपद ऊधम सिंह नगर के जसपुर से रक्षाबंधन पर्व को लेकर एक भावुक और आत्मीय खबर सामने आई है। जसपुर के पूर्व विधायक एवं विशेष आमंत्रित प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य डॉ. शैलेंद्र मोहन सिंघल के निवास पर रक्षाबंधन का पर्व श्रद्धा और भाई-बहन के अटूट प्रेम के साथ मनाया गया।


इस अवसर पर जसपुर क्षेत्र की समूह कार्यकत्री, आशा वर्कर, आंगनबाड़ी कार्यकत्री एवं सामाजिक कार्यों से जुड़ी बड़ी संख्या में महिलाओं ने डॉ. शैलेंद्र मोहन सिंघल और उनके पुत्र सिद्धार्थ मोहन सिंघल को रक्षा सूत्र बांधा।


बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनकी लंबी आयु, सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। रक्षाबंधन के इस आयोजन में भाई-बहन के रिश्ते की आत्मीयता और विश्वास का भाव साफ तौर पर देखने को मिला।


इस मौके पर डॉ. शैलेंद्र मोहन सिंघल ने सभी बहनों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बहनों की दीर्घायु, समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हुए उन्हें हर परिस्थिति में सुरक्षा और सहयोग का भरोसा दिलाया।

डॉ. सिंघल ने कहा कि रक्षाबंधन केवल राखी बांधने का पर्व नहीं, बल्कि भाई और बहन के बीच विश्वास, स्नेह, सम्मान और जिम्मेदारी का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि बहनों के सम्मान और सुरक्षा के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।


रक्षाबंधन समारोह में कुछ ऐसी बहनें भी शामिल हुईं, जिनके भाई देश की सुरक्षा में तैनात हैं। देश की सीमाओं की रक्षा में जुटे भाइयों की अनुपस्थिति के बावजूद इन बहनों ने रक्षाबंधन का पर्व मनाया और उनके सुरक्षित रहने की कामना की।



कार्यक्रम में ऐसी बहनें भी पहुंचीं जिनके अपने भाई नहीं हैं। इस दौरान डॉ. शैलेंद्र मोहन सिंघल ने उन्हें भावनात्मक संबल देते हुए कहा कि उन्हें कभी भाई की कमी महसूस नहीं होने दी जाएगी और वह उनके साथ भाई का पूरा फर्ज निभाने का प्रयास करेंगे।

डॉ. सिंघल के इस आश्वासन से कार्यक्रम में मौजूद बहनों के बीच भावुकता का माहौल बन गया। बहनों ने भी डॉ. सिंघल और उनके पुत्र सिद्धार्थ मोहन सिंघल के प्रति आभार जताया और रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं।

कार्यक्रम में शामिल महिलाओं ने कहा कि रक्षाबंधन जैसे पर्व समाज में आपसी प्रेम, भाईचारे और विश्वास को मजबूत करते हैं। इस तरह के आयोजन उन महिलाओं के लिए भी भावनात्मक सहारा बनते हैं, जिनके भाई किसी कारणवश उनके साथ मौजूद नहीं हो पाते।
रक्षाबंधन के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम ने सामाजिक सरोकार और भाई-बहन के रिश्ते की संवेदनशीलता को एक साथ सामने रखा। कार्यक्रम में मौजूद महिलाओं ने एक-दूसरे को पर्व की शुभकामनाएं दीं और समाज में महिलाओं के सम्मान एवं सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने का संकल्प भी व्यक्त किया।

