छात्राओं को साइबर अपराध और महिला सुरक्षा के प्रति किया जागरूक

छात्राओं को साइबर अपराध और महिला सुरक्षा के प्रति किया जागरूक

स्थान : ज्योतिर्मठ
रिपोर्टर : विनोद पांडे

कोतवाली ज्योतिर्मठ पुलिस की ओर से गुरुवार को जीजीआईसी इंटर कॉलेज ज्योतिर्मठ में छात्राओं के लिए विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को बढ़ते साइबर अपराध, ऑनलाइन ठगी, सोशल मीडिया से जुड़े जोखिम, महिला सुरक्षा और महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों के प्रति जागरूक करना रहा।

कार्यक्रम में वरिष्ठ उपनिरीक्षक विक्रम सिंह रावत ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि तकनीक और सोशल मीडिया आज दैनिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुके हैं। इनके उपयोग में थोड़ी सी लापरवाही साइबर अपराधियों के लिए अवसर बन सकती है। ऐसे में छात्राओं को तकनीक का इस्तेमाल करते समय सतर्क और सावधान रहने की आवश्यकता है।

पुलिस की ओर से छात्राओं को साइबर ठगी से बचाव के उपायों की जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ OTP, बैंक खाते से संबंधित जानकारी, ATM या डेबिट कार्ड का विवरण, UPI PIN, पासवर्ड और अन्य व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें। साथ ही संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने और अनजान ऐप डाउनलोड करने से भी बचने की सलाह दी गई।

छात्राओं को लालच देने वाले मैसेज, फोन कॉल और ऑनलाइन ऑफर के माध्यम से होने वाली ठगी के प्रति भी सचेत किया गया। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि साइबर अपराधी लोगों को विश्वास में लेकर उनकी गोपनीय जानकारी हासिल करते हैं और बाद में आर्थिक नुकसान पहुंचाते हैं। इसलिए किसी भी संदिग्ध कॉल या मैसेज पर तत्काल प्रतिक्रिया देने से बचना चाहिए।

कार्यक्रम के दौरान सोशल मीडिया के सुरक्षित इस्तेमाल पर भी विशेष जोर दिया गया। छात्राओं को अनजान लोगों की फ्रेंड रिक्वेस्ट स्वीकार न करने, सोशल मीडिया अकाउंट की गोपनीयता बनाए रखने और अपनी व्यक्तिगत जानकारी सार्वजनिक नहीं करने की सलाह दी गई। पुलिस ने कहा कि सोशल मीडिया पर फोटो, वीडियो और निजी जानकारियां साझा करते समय भी विशेष सावधानी बरतनी जरूरी है।

पुलिस अधिकारियों ने छात्राओं को ऑनलाइन उत्पीड़न की स्थिति में चुप न रहने के लिए प्रेरित किया। बताया गया कि यदि कोई अनजान व्यक्ति परेशान करता है, फर्जी आईडी बनाकर बदनाम करने का प्रयास करता है, अश्लील संदेश भेजता है, फोटो या वीडियो का गलत इस्तेमाल करता है अथवा ऑनलाइन धमकी देता है तो इसकी जानकारी तत्काल अभिभावकों, शिक्षकों या पुलिस को दी जानी चाहिए।

छात्राओं को साइबर अपराध का शिकार होने की स्थिति में घबराने या शर्मिंदा होने के बजाय तुरंत शिकायत करने की सलाह दी गई। पुलिस ने बताया कि साइबर अपराध होने पर तत्काल 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत की जा सकती है। इसके अलावा आवश्यकतानुसार साइबर क्राइम पोर्टल के माध्यम से भी शिकायत दर्ज कराने की जानकारी छात्राओं को दी गई।

कार्यक्रम में महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों और उनके कानूनी अधिकारों के बारे में भी जानकारी दी गई। छात्राओं को छेड़छाड़, पीछा करना, धमकी, अश्लील टिप्पणी और ऑनलाइन उत्पीड़न जैसी घटनाओं को नजरअंदाज न करने की सलाह दी गई। पुलिस ने कहा कि ऐसी किसी भी घटना की जानकारी समय रहते परिजनों या पुलिस को देना जरूरी है।

इस दौरान छात्राओं को गुड टच और बैड टच के बारे में भी समझाया गया। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि किसी भी असहज या गलत स्पर्श की स्थिति में चुप नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसका विरोध करते हुए किसी भरोसेमंद व्यक्ति को इसकी जानकारी देनी चाहिए। छात्राओं को विभिन्न पुलिस सहायता एवं हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी दी गई।

कार्यक्रम के समापन पर पुलिस ने छात्राओं से स्वयं जागरूक रहने के साथ-साथ अपने परिवार और सहपाठियों को भी साइबर अपराध एवं महिला सुरक्षा के प्रति जागरूक करने की अपील की। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि जागरूकता और सतर्कता ही साइबर अपराध तथा महिला संबंधी अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है।